आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट तेज हो गई है और इस चुनावी बिगुल से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी चुनावी माहौल में अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है। हमारी टीम हापुड़ जिले में सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े प्रभाव और विकास के दावों की असल तस्वीर को समझने का प्रयास किया गया।
मूढ़ा उद्योग को ओडीओपी का सहारा
गढ़मुक्तेश्वर के मूढ़ा निर्माताओं का कहना है कि योगी सरकार में कुटीर उद्योगों को नई ऊर्जा मिली है। गढ़मुक्तेश्वर का मूढ़ा उद्योग अब अपनी एक अलग पहचान बना चुका है और यहां के उत्पाद विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हो रहे हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना के लागू होने से इस उद्योग को काफी तरक्की मिली है। निर्माताओं के अनुसार, अब वे सीधे अपने उत्पादों पर अधिक मुनाफा कमा पा रहे हैं। पहले उन्हें तैयार माल लेकर बाजार में घूमना पड़ता था, लेकिन अब घर बैठे ही माल की बिक्री हो जाती है। हापुड़ की यह पारंपरिक कला अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों तक पहुंच गई है। ओडीओपी योजना ने बिक्री में आई मंदी को दूर कर दिया है और लाभ में वृद्धि हुई है।
टेक्सटाइल उद्योग बना यूपी की नई औद्योगिक पहचान
हापुड़ के पिलखुआ में बेडशीट निर्माण उद्योग ने भी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया है। एक बेडशीट निर्माता ने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें सहायता मिली है, जिसमें चीन से मशीनें आयात करने पर सब्सिडी भी शामिल है। पिलखुआ ने हैंडलूम से आधुनिक मैन्यूफेक्चरिंग तक का सफर तय किया है। व्यापारियों के अनुसार, सरकार के सहयोग से उनके मन से भय दूर हुआ है और उन्होंने बड़ी इंडस्ट्री लगाई हैं। टेक्सटाइल सेंटर में विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित हो रहे हैं। ओडीओपी योजना के तहत बेडशीट उद्योग को भी सुविधाएं मिल रही हैं। पहले व्यापारियों को जहां गुंडागर्दी और बैंक से लोन लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) के माध्यम से आसानी से लोन उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे सुचारू रूप से अपना व्यवसाय चला पा रहे हैं।
पूठ घाट बना आस्था और पर्यटन का केंद्र
हापुड़ के पुष्पावती पूठ घाट अब आस्था और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। पर्यावरणविद भरत भूषण गर्ग के नेतृत्व में टीम ने घाट की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए अथक प्रयास किए हैं। पहले यह स्थान अतिक्रमण का शिकार था, जहां झाड़ियां और उपले आदि रखे जाते थे, जिससे खड़े होने की भी जगह नहीं थी। टीम के प्रयासों और प्रशासन के सहयोग से यह स्थान अतिक्रमण मुक्त हुआ। अब यहां पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग वॉशरूम और चेंजिंग रूम की व्यवस्था है, साथ ही पीने के पानी की सुविधा भी उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में संभव हुआ है। वर्तमान में, यह घाट बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।