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Hapur News: स्कूल की जर्जर इमारत के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर नौनिहाल

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स्कूल की जर्जर इमारत में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं नौनिहाल
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव करीमपुर में स्थित कंपोजिट विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग में पढ़ाई करने को बच्चे मजबूर हैं। इस तरफ अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। अधिकारियों की इस लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
एक तरफ यूपी सरकार विद्यालयों में कॉन्वेंट स्कूल की तर्ज पर पढ़ाई कराने के प्रयास में जुटा है। वही,ं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते सुधार नहीं हो पा रहा है। ब्लॉक के गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों में रोजाना अधिकारी निरीक्षण तो कर रहे हैं लेकिन, उनकी नजर में जर्जर अवस्था में तब्दील स्कूल नहीं आ पाते हैं, जिससे बच्चों को मजबूरी में जर्जर बिल्डिंग के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पढ़ती है। पूछताछ के दौरान छात्रों ने बताया कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है, जो एक गंभीर मामला है। विद्यालय इंचार्ज कविता शर्मा ने बताया कि स्कूल में कुल शिक्षक 82 हैं, जिनमें से 50 छात्र उपस्थित मिले। जिनको पढ़ाई कराने में चार सहायक अध्यापक और एक शिक्षा मित्र मौजूद मिले।
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सीन- 1
- स्कूल में बने कमरे में भरा ईंधन
कंपोजिट विद्यालय में एक कमरा बना हुआ है, जिसमें लकड़ियों के ढेर लगे हैं। इसके अलावा जो कमरे हैं, वह जर्जर स्थिति में हैं।
सीन-2
लिंटर से गिर रहा प्लास्टर
स्कूल की छत क्षतिग्रस्त हो गई है। बारिश के कारण प्लास्टर नीचे गिर रहा है लेकिन, शिक्षा विभाग इस बात को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वही,ं स्कूल में पीछे की साइड की दीवार भी टूटी पड़ी है। जिससे बच्चे असुरक्षित हैं।
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सीन-3
जमीन पर बैठकर खाना खाने को मजबूर
मिड-डे मील खाना तो मिलता है लेकिन, बैठने की सही व्यवस्था नहीं है। ठिठुरती सर्दी में छात्र जमीन पर बैठकर भोजन करते मिले। स्कूल में बनी पानी की टंकी भी गायब हैं।
बीएसए अर्चना गुप्ता ने कहा कि इस तरह की जर्जर इमारत वाले स्कूलों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। करीमपुर के विद्यालय में भी जल्द सुधार कराया जाएगा।
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