संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। जिले में संचालित जिम और स्विमिंग पूल संचालक खेल विभाग में बिना पंजीकरण मोटी कमाई कर रहे हैं। लेकिन अब संचालकों को खेल विभाग में पंजीकरण कराना होगा, इसके लिए विभाग ने जिम और स्विमिंग पूल को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। पंजीकरण न कराने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में जिम का कारोबार बढ़ता जा रहा है। शहर के रेलवे रोड, फ्रीगंज रोड, बुलंदशहर रोड, आवास विकास कालोनी, गोल मार्केट, पक्का बाग, स्वर्ग आश्रम रोड सहित गांवों में भी लोग जिम में पसीना बहाते हैं। लेकिन इनमें मानकों की अनदेखी होती हैं और खेल विभाग में बिना पंजीकरण के इनका संचालन हो रहा है।
ऐसे ही हाल स्विमिंग पुल संचालकों का है। गर्मी के मौसम में शहर से लेकर गांवों तक स्विमिंग पुल में गर्मी से राहत पाने के लिए भीड़ लगी रहती है। लेकिन यहां भी मानकों को ताक पर रखकर स्विमिंग पूल का संचालन किया जाता है। लेकिन अब विभाग इनके पंजीकरण को लेकर सख्त हो गया है। इसके लिए जिले में संचालित जिम और स्विमिंग पूल को चिह्नित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उप क्रीड़ा अधिकारी अरुणा ने बताया कि जिम और स्विमिंग पुल के संचालन के लिए प्रत्येक वर्ष 15 हजार रुपये की फीस के साथ अनुमति पत्र जारी होता है। लेकिन कारोबार बढ़ने के बाद भी संचालकों द्वारा पंजीकरण में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। अगले एक सप्ताह के अंदर जिम और स्विमिंग पुल संचालकों को जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति के खाते में फीस जमा कराकर पंजीकरण कराना होगा, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।