हापुड़। गढ़ में प्रस्तावित महापंचायत में शामिल होने आए गुर्जर समाज के लोगों पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने पर समाज के लोगों में रोष बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। एक महीने के अंदर मुकदमे वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
समाज के लोगों ने कहा कि 14 सितंबर को गढ़ के घोड़ा मैदानमें हापुड़ के समस्त गुर्जर समाज ने एक महापंचायत का आयोजन प्रस्तावित किया था। जिसकी अनुमति मांगी, लेकिन जिला प्रशासन ने नहीं दी। इसकी सूचना महापंचायत के आयोजकों को 12 सितंबर को मिली। गुर्जर समाज की पंचायत के सभी आयोजक इस मामले में डीएम से मिले, फिर भी अनुमति नहीं मिली। अनुमति न मिलने के कारण महापंचायत स्थगित करने की अपील की। लेकिन कुछ लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। 50 से 60 लोग जानकारी के अभाव में घोड़ा मैदान पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन के किसी काम में कोई व्यवधान नहीं किया और ना ही वहां पर कोई तोड़फ़ोड़ व हिंसा हुई। लेकिन पुलिस प्रशासन ने गुर्जर समाज के कुछ लोगों पर गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली में मुकदमे लिख दिए जो स्वतंत्र भारत की तस्वीर को गलत ठहराते हैं। इसके विरोध में समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर, मुकदमे वापस लेने की मांग उठाई। एडीएम को ज्ञापन सौंपकर, एक महीने के अंदर मुकदमे वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर जगबीर सिंह गुर्जर, राजेंद्र गुर्जर, पवन हूण, नीरज गुर्जर, राजेंद्र प्रधान, लीले प्रधान, कटार सिंह, नरेश नागर, जिले सिंह, अनिल हूण, ओमवीर नागर, रोहन नागर, बबली गुर्जर, ओमबीर प्रधान, मेमपाल सिंह, सत्येन्द्र, सुन्दर कुमार आर्य, रोहतास प्रधान, अंकित भड़ाना, पिंटु, मोहित नागर, कोशिनदर, जितेंद्र नागर, राजबीर भाटी आदि मौजूद रहे।