धौलाना(हापुड़)। धौलाना-मसूरी मार्ग पर जुबेदा फार्म हाउस के पास मंगलवार देर रात अनियंंत्रित कैंटर सड़क किनारे स्थित ढाबे में घुस गया। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया।
हादसा रात करीब दस बजे के आसपास हुआ। आसपास की फैक्टरियों में काम करने वाले लोग रोज की तरह इस ढाबे पर आकर खाना खा रहे थे। तभी अचानक एक कैंटर अनियंत्रित होकर ढाबे में घुस गया। चीख पुकार के बीच कई लोग इसकी चपेट में आ गए। आसपास की फेक्टरियों से पहुंचे लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को मामले की सूचना दी।
मृतकों की शिनाख्त ढाबा संचालक जितेंद्र पुत्र कृष्णदेव निवासी गांव कुंवरपुर थाना सहावर जनपद कासगंज व सहयोगी अरुण कुमार पुत्र श्यामवीर निवासी गांगपुरा थाना जैथरा जिला एटा व खाना खाने आए शमशेर अली पुत्री शफी अहमद निवासी गांव बरहैता थाना महेंद्रवाला जिला सीतामढ़ी बिहार बशीर पुत्र जसीमुद्दीन निवासी खुकनाहा आमीनटोला थाना मोरना जिला सुपौल बिहार के रूप में हुर्ई। जबकि सचिन, शिवकुमार व सुधीर घायल हो गए। घायलों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। उधर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ड्राइवर नशे की हालत में था। जबकि पुलिस फिलहाल ड्राइवर की लापरवाही से दुर्घटना होना बता रही है। एएसपी राजकुमार ने बताया कि घटना के बाद देहरा के मोहल्ला भद्रान निवासी राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। मेडिकल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही ड्राइवर के नशे में होने की पुष्टि के बारे में कुछ कहा जा सकेगा। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
खिचरा गांव में रहता था शमशेर अली व बशीर
शमशेर अली कुछ साल पहले बिहार से परिवार के साथ धौलाना आया था। औद्योगिक क्षेत्र स्थित मांस पैकिंग कंपनी अल नजीर में मजदूरी करने लगा। जबकि खिचरा गांव में किराए के मकान में रहता था। दो बेटियों का पिता शमशेर 20 सितंबर की शाम को ड्यूटी पूरी कर अपने साथी बशीर के साथ अक्सर ढाबे पर खाना खाता था।
कोल्ड ड्रिंक उतारकर लौट रहा था कैंटर चालक
पुलिस के अनुसार आरोपी कैंटर चालक मसूरी धौलाना मार्ग स्थित यूपीएसआईडीसी में संचालित शीतल पेय पदार्थ बनाने वाली मून बेवरेज से माल लेकर मेरठ में कोल्डड्रिंक उतार कर कंपनी लौट रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी ड्राइवर को दबोचकर पुलिस को सौंप दिया।
चाचा के बुलावे पर तीन साल पहले आये थे जितेंद्र और अरुण
मृतक जितेंद्र का चाचा मानवेंद्र सिंह इस क्षेत्र में स्थित कंपनी एशटेक में काम करता है। यहां खाने की स्थिति को देखते हुए ही उसने करीब तीन साल पहले जितेंद्र और अरुण को यहां ढाबा खोलने की सलाह दी थी। जिसके बाद से दोनों यहां ढाबा चला रहे थे। मानवेंद्र सिंह यहां पहुंचा तो दोनों के शवों को देखकर बिलख बिलख कर रो पड़ा।