संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। जिले में उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर दिलाने के लिए आगामी दिनों में शासन स्तर से ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 का आयोजन होगा। इसके लिए जनपद को सात हजार करोड़ का लक्ष्य मिला है। इसमें से 17 यूनिटों ने 750 करोड़ के प्रस्ताव दिए हैं। इनसे एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं। इसके अलावा 1300 करोड़ रुपये के दो हाउसिंग प्रोजेक्ट को अलग से शामिल करने के लिए वार्ता चल रही है।
नए उद्योगों को बसाकर विकास की नई रफ्तार के लिए शासन इस बार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 का आयोजन आगामी दिसंबर माह में करने की योजना बना रहा है। साथ ही पूर्व में लगे उद्योगों को लेकर भी इस ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में चर्चा होगी। उद्योगों को लगाने में क्या-क्या परेशानी धरातल स्थल हैं, इन्हें भी दूर किया जाएगा, जिससे कि अधिक से अधिक नए उद्योग लग सकें।
बता दें कि प्रदेश को इस साल मिले तीन लाख करोड़ रुपये के उद्योगों को निवेश के बीच जिले के अनुसार लक्ष्य तय किया गया है। इसमें हापुड़ जिले को करीब सात हजार करोड़ के निवेश का लक्ष्य मिला है। इसके बाद से ही उद्योग विभाग लगातार उद्यमियों से संपर्क भी कर रहा है। इसमें करीब 100 बड़ी कंपनियों को जिले में निवेश के लिए भी आमंत्रित किया था। इसका असर अब दिखाई देने लगा है।
उद्योग विभाग के अनुसार जिले को अब तक करीब 750 करोड़ रुपये निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। इसमें धौलाना में 50 करोड़ रुपये से प्लेज पार्क, जरोठी में दूध डेयरी, 250 करोड़ रुपये का रिलायंस सीएनजी प्रोजेक्ट, पैकेजिंग सहित 17 छोटी इकाई शामिल हैं। इन उद्योगों के लगने से करीब एक हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, एम एंड एम कंपनी के करीब 1300 करोड़ रुपये के दो हाउसिंग प्रोजेक्ट में इसमें शामिल करने के लिए वार्ता जारी है। इसी सप्ताह एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो जाएंगे।
जमीन की किल्लत भी होगी दूर
एम एंड एम कंपनी के प्रोजेक्ट के लिए पहले से ही जमीन मिल चुकी है। धौलाना में प्लेज पार्क और गांव जरोठी में डेयरी का निर्माण भी चल रहा है। इसके अलावा जिन उद्यमियों ने प्रस्ताव दिए हैं। उन्हें अधिक जमीन की जरूरत नहीं पड़ेगी। धौलाना और सबली में बन रहे प्लेज पार्क में इन्हें जमीन दिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे बन रहे यूपीडा के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी इकाइयों को जमीन दिलाई जाएगी। इससे जमीन की किल्लत की समस्या को दूर किया जाएगा।
वर्ष 2023 में हुए यूपी इन्वेस्टर्स समिट के दौरान भी प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में करीब 36 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले थे। उस समय जनपद में 583 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें से करीब 33 प्रतिशत ही अभी तक धरातल पर उतरने की तैयारी में हैं। ऐसे में शेष नए उद्योग लगाने के लिए करीब 170 उद्यमी जमीन की तलाश कर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में उद्यमी ऐसे भी हैं जो अब उद्योग लगाने के लिए कोई चर्चा ही नहीं कर रहे हैं।
उद्योग उपायुक्त खुशबू सिंह ने बताया कि शासन से मिले लक्ष्य के सापेक्ष करीब 750 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिल चुके हैं। अन्य प्रस्तावों को लेकर वार्ता जारी है। इन 750 करोड़ के उद्योगों के लगने से करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।