हापुड़। गांव रसूलपुर व असौड़ा ग्राम प्रधानों पर हुई कार्रवाई और उनके वित्तीय अधिकार सीज करने से गुस्साए प्रधान संगठन ने ब्लॉक कार्यालय में हंगामा किया। बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान ऑल इंडिया पंचायत परिषद के बैनर तले हापुड़ खंड विकास परिसर में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेसिंग से पहले प्रधानों ने अधिकारियों को काले झंडे दिखाए। वहीं, अधिकारियों द्वारा सही जांच कराने का आश्वासन मिलने के बाद ग्राम प्रधान शांत हुए।
ब्लॉक परिसर में बृहस्पतिवार को पौधरोपण के संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री की वीडियो कांफ्रेसिंग थी, इसमें भाग लेने के लिए ग्राम प्रधान एकत्रित होकर पहुंचे। योजना की कि गांव रसूलपुर व असौड़ा ग्राम प्रधान के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री को वीसी के दौरान काले झंडे दिखाएंगे। प्रधानों ने वीसी से पहले ही एकजुट होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान वीसी में काली पट्टी बांधकर व काले झंडे दिखाने की तैयारी कर रहे थे। जब इसके जानकारी अधिकारियों को मिली तो डीपीआरओ शिव बिहारी शुक्ला व एडीओ बिशन सक्सेना ने ग्राम प्रधानों को समझाया। प्रधानों ने अधिकारियों के सामने काले कपड़े के झंडे लहराए। लेकिन अधिकारियों द्वारा समझाने पर वे शांत कराकर हुए और वीसी में शामिल हुए।
इसके बाद ग्राम प्रधानों का प्रतिनिधि मंडल सीडीओ हिमांशु गौतम को ज्ञापन देने पहुंचा। जहां संगठन की जिलाध्यक्ष पूनम शिशौदिया ने कहा कि गांव रसूलपुर व असौड़ा के ग्राम प्रधान के खिलाफ अन्यायपूर्ण कार्रवाई की गई है। दोनों ग्राम पंचायतों का संचालन करने के लिए अंतिम जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की समिति का गठन नहीं किया जाना चाहिए। अगर जांच के दौरान यदि कार्य मौके पर नही पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में प्रधान को तलब किया जाए। साथ ही संबंधित खामी के लिए जेई व सचिव को भी तलब किया जाए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि अरविंद्र शिशौदिया, ग्राम प्रधान हरिवंद्र सिंह, योगेश्वर त्यागी, जावेद, जहीर, विजय खरे, निरंकार, मनोज चौधरी, उस्मान, शानेआलम आदि मौजूद रहे।
असौड़ा प्रधान के पति पर पिटाई का आरोप
इसी दौरान ग्राम प्रधान असौड़ा के पति अली मुर्तजा और ग्राम पंचायत सदस्य आपस में भिड़ गए। यूसुफ ने थाने में तहरीर देते हुए कहा है कि वह ग्राम पंचायत सदस्य देवेंद्र, शादाब व आस मोहम्मद के साथ किसी काम से खंड विकास कार्यालय गया था। अधिकारियों से अपनी बात कहने के दौरान अली मुर्तजा अपने कुछ साथियों के साथ यहां पहुंचे और कमरे में घेरकर उन्हें पीटा। देवेंद्र व शादाब ने बचकर अपनी जान बचाई। हालांकि दूसरे पक्ष ने भी मारपीट का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।