पिलखुवा। नगर की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पालिकाध्यक्ष विभु बंसल द्वारा प्रस्तावित करोड़ों रुपए की सीवर शोधन प्रबंधन योजना को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए छह करोड़ नौ लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत नगर क्षेत्र से निकलने वाले नालों और सीवर लाइनों के दूषित पानी को बिना शोधन छोड़े जाने की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।
नगर पालिका के ईओ इंद्रपाल सिंह ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत नगर के प्रमुख नालों को सीवर शोधन संयंत्र से जोड़ा जाएगा। यहां मल व जल का वैज्ञानिक विधि से शोधन किया जाएगा और मानकों के अनुरूप होने के बाद ही उसे नदी, नहर या अन्य जलस्रोतों में छोड़ा जाएगा। कुछ स्थानों पर उपचारित जल के वैकल्पिक उपयोग की भी व्यवस्था की जाएगी।
योजना के निर्माण और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जलनिगम, निर्माण खंड को सौंपी गई है। कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले चरण में नगर के नालों की मैपिंग, सीवर लाइनों की कनेक्टिविटी और भूमि की तलाश की जाएगी। इसके बाद संयंत्र निर्माण, मशीनरी स्थापना और परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होगी।
इस योजना के लागू होने से नगर में जल प्रदूषण पर नियंत्रण होगा। नालों से उठने वाली दुर्गंध, मच्छरजनित रोगों और संक्रमण के खतरे में कमी आएगी। साथ ही भूजल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी।
पालिकाध्यक्ष विभु बंसल ने कहा कि नगर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना प्राथमिकता है। सीवर शोधन योजना से गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान होगा और नगरवासियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
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योजना के प्रमुख लाभ
– जल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण
– मच्छरजनित बीमारियों में कमी
– जलस्रोतों की गुणवत्ता में सुधार
– पर्यावरण संतुलन को मजबूती
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कार्य की रूपरेखा
– प्रमुख नालों और सीवर लाइनों की मैपिंग
– सीवर शोधन संयंत्र का निर्माण
– मशीनरी स्थापना और परीक्षण
– उपचारित जल का सुरक्षित