हापुड़। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में आम बजट पेश किया। जैसे ही वित्त मंत्री ने बजट पढ़ना शुरू किया राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं। सत्ताधारी भाजपा ने बजट को हर वर्ग के लिए बताया तो विपक्षी दलों ने बजट को फिर से नकार दिया। भाजपाइयों ने इसे गरीब, किसान, मध्यवर्गीय, महिलाओं और उद्यमियों के उत्थान का बजट बताया। वहीं, विपक्षी दलों ने महंगाई को कम करने के लिए कोई कदम न उठाने की बात कही।
मोदी सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया
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मोदी सरकार का यह बजट विकसित भारत के निर्माण का बजट है। यह बजट सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है। बजट में किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड की लिमिट पांच लाख करने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। आयकर की सीमा 12 लाख करने से करोड़ों मध्यम वर्गीय व नौकरी पेशा लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए दवाइयां सस्ती होंगी। सरकार के इस बजट से देश के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। - अरुण गोविल, सांसद, भाजपा
लोक-लुभावन बजट, कुछ खास नहीं
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केंद्र सरकार पिछले दस सालों से सिर्फ दावे कर रही है। धरातल पर लाेग बहुत अधिक परेशान हैं। रोजगार को लेकर सिर्फ दावे हैं, लेकिन युवा रोजगार के लिए परेशान हैं। किसानों, महिलाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। इस बजट से हर वर्ग को जरूर निराशा मिलेगी। - मिथुन सुबोध त्यागी, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
करोड़ों मध्यमवर्गीय को बड़ी राहत दी
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इस बजट में मध्यमवर्गीय को आयकर में छूट सीमा बढ़ाकर बड़ी राहत दी गई है। पहली बार किसी सरकार ने इतनी बड़ी छूट दी है। इससे देश के करोड़ों मध्यमवर्गीयों को लाभ मिलेगा। यह बजट युवाओं, किसानों, एमएसएमई उद्यमियों के जीवन को खुशियों से भर देगा। बहुत से घरेलू सामान सस्ते होंगे। इससे महंगाई और अधिक कम होगी। - नरेश तोमर, जिलाध्यक्ष, भाजपा
महंगाई को कम करने के लिए कुछ नहीं किया
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यह बजट देखकर ऐसा नहीं लगता कि महंगाई को कम करने के लिए कोई कदम उठाया गया है। 140 कराेड़ वाली जनसंख्या वाले देश में सरकार का ध्यान सिर्फ उद्योगपतियों पर है। इस बजट में भी गरीबों, वंचितों, अल्पसंख्यकों, दलितों, किसानों और महिलाओं के लिए कुछ नहीं है। देश के कराेड़ों लोगों को बजट से निराशा हाथ लगी है।
- डाॅ. एके कर्दम, बसपा, जिलाध्यक्ष
देशवासियों को मोदी सरकार ने दिया लालीपोप
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देश में बेरोजगारी चर्म सीमा पर है। लोगों को बजट से बड़ी उम्मीद थी। रोजगार मिलेगा तो निश्चित ही जीवन की आधी से अधिक समस्याएं दूर हो जाएंगी, लेकिन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के बजट से भी करोड़ों देशवासियों को निराशा हाथ लगी है। पिछले दस सालों में महंगाई को कम करने के लिए सरकार कुछ नहीं कर सकी है।
- बबलू प्रधान, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी