हापुड़। जिले का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दिनभर स्मॉग छाए रहने के कारण सूरज के दर्शन नहीं हुए। एक्यूआई 450 के आसपास पहुंच गया। ऐसे में स्वस्थ लोग भी परेशान दिखे। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने जनपद में ग्रैप का चौथा चरण लागू कर दिया। हालांकि इसकी पाबंदियां शहर में नजर नहीं आईं और जिम्मेदार मात्र कागजों में ही प्रदूषण को नियंत्रण करने के कदम उठाते नजर आए।
प्रदूषण मापक यंत्र दिल्ली रोड स्थित आनंद विहार में लगा हुआ है। इस क्षेत्र में हरियाली बहुत अधिक है। इसके बाद भी यहां लगे यंत्र में एक्यूआई शाम पांच बजे तक 431 दर्ज हुआ, जो लगातार बढ़ रहा था। अधिकारियों ने आंकड़ों में हेरफेर करने के लिए इस क्षेत्र में पानी का छिड़काव कई बार कराया, लेकिन इसके बाद भी दिनभर एक्यूआई बढ़ता गया। जबकि, शहर के अंदर एक्यूआई की स्थिति 450 से भी अधिक महसूस हुई। ज्यादातर लोगों ने मॉस्क लगाकर बाहर निकलना बेहतर समझा। लोगों को घरों के अंदर तक प्रदूषण का असर महसूस हुआ। सुबह और शाम को बुजुर्ग पार्कों में नहीं पहुंचे। वहीं, सड़कों पर जलता कूड़ा और खुले में पड़ी निर्माण सामग्री को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
शादियों में हो रही आतिशबाजी
इन दिनों शादियों में भी आतिशबाजी हो रही है। इसे रोकने के लिए भी प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। जबकि, एनसीआर क्षेत्र में पटाखों पर पूरी तरह से पाबंदी है। इस स्थिति से हालात और गंभीर हो गए हैं।
तीन साल बाद इतना हुआ प्रदूषण
जिले में प्रदूषण की स्थिति करीब तीन साल बाद इतनी गंभीर हुई है। 400 अंक तक एक्यूआई दर्ज होने पर इसे बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। इससे ज्यादा अंक होने पर गंभीर दशा में रखा जाता है। तीन साल बाद इस प्रकार से प्रदूषण बढ़ने का अर्थ साफ है कि भविष्य में कठोर कदम न उठाने से दिक्कतें बढ़ेंगी। वहीं इस स्थिति से स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावकों को चिंता सताने लगी है। वातावरण के बदतर हालात को देखते हुए अभिभावकों की ओर से स्कूलों की छुट्टी करने की मांग की जाने लगी है।
जनपद में प्रदूषण की स्थिति
समय
एक्यूआई
रात एक बजे
369
तीन बजे 372
सुबह पांच बजे 377
सात बजे
384
नौ बजे
389
11 बजे
395
दोपहर एक बजे 411
तीन बजे
425
शाम पांच बजे 431
शाम छह बजे - 450
अधिकतम
पीएम 2.5 - 432
पीएम 10 - 399
नोट यह आंकड़ें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से लिए गए हैं।
आज बंद रहेंगे कक्षा 12 तक के स्कूल
हापुड़। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए जिलाधिकारी प्रेरणा शर्मा ने सभी बोर्ड के कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों को मंगलवार को बंद करने के आदेश दिए हैं। जिले में प्रदूषण का स्तर 450 के करीब पहुंच चुका है। इसके बाद भी हालात इसी प्रकार रहते हैं तो अवकाश की अवधि को बढ़ाया जाएगा। उधर, हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के प्रभारी सचिव प्रवीण गुप्ता ने भी प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए सभी निर्माण कार्यों पर रोक के आदेश जारी किए हैं। प्राधिकरण की टीम इसकी निगरानी कर रही है। इस दौरान कोई निर्माण कार्य होता नजर आया तो प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई अमल में लानी होगी
- सड़कों पर पानी का छिड़क़ाव
- ट्रैफिक का सुचारू संचालन
- निर्माण कार्यों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाना
- प्रदूषणकारी उद्योगों पर कार्रवाई
- कूड़ा जलाने पर प्रभारी कार्रवाई
प्रदूषण से बचाव के लिए यह करें
- घर से बाहर निकलने पर मॉस्क का प्रयोग करें
- बुजुर्ग और बच्चे घरों के अंदर ही रहें, जरूरी कार्य से ही बाहर निकलें
- आंखों पर असर से बचाव के लिए बार-बार धोएं
- वाहन का कम से कम प्रयोग करें आदि।
कोट -जिले में ग्रैप के चौथे चरण को लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन को नियमों का पालन कराने के लिए संबंधित आदेश भेज दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे। - विकास, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड