हापुड़। मेरठ-गढ़ हाईवे-709ए के चौड़ीकरण के साथ अब हाईवे आकार लेने लगा है। कार्य के दौरान अब पक्की काली सड़क का निर्माण सड़क के दोनों तरफ शुरू हो गया है। मेरठ से गढ़ के बीच करीब एक किलोमीटर काली सड़क का निर्माण किया गया है। ऐसे में हाईवे अपने वास्तविक स्वरूप में नजर आ रहा है। पेड़ों की कटाई के साथ लाइन शिफ्टिंग का अधिकतर कार्य भी पूरा हो चुका है। इस साल के अंत तक हाईवे पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे।
50.18 किलोमीटर लंबे मेरठ-गढ़ हाईवे का चौड़ीकरण 955 करोड़ से टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है। हाईवे पर गढ़ से मेरठ के बीच कुल लंबाई में 32 किलोमीटर क्षेत्र में पुरानी सड़क का ही जीर्णोद्धार किया जाएगा। जबकि 18 किलोमीटर सड़क बाईपास के रूप में नई बनाई जाएगी।
विद्युत लाइन शिफ्टिंग का 90 फीसदी काम पूरा
अब तक हाईवे पर मिट्टी भराव और समतलीकरण का कार्य किया जा रहा था। जबकि कुछ स्थानों पर हाईवे के एक ओर ही काली सड़क बनाई जा रही थी। इसके अलावा विद्युत लाइन शिफ्टिंग के अलावा हाईवे किनारे आ रहे निर्माण को गिराने का कार्य किया जा रहा था। हाईवे की जद में आ रहे 24 हजार पेड़ों की कटाई पूरी हो चुकी है। विद्युत लाइन शिफ्टिंग का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अब हाईवे पर मेरठ के गांव भटीपुरा और हसनपुर के बीच डिवाइडर के दोनों ओर काली सड़क का निर्माण हो रहा है। दोनों ओर सड़क बनने से हाईवे अपने वास्तविक रूप में दिख रहा है। यहां करीब एक किलोमीटर हिस्से में सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। ऐसे में इस क्षेत्र में वाहन दोनों ओर दौड़ने शुरू हो गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि जो हिस्सा तैयार होता जाएगा उसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। कुल मिलाकर अभी तक डायवर्जन से परेशानी झेल रहे वाहन चालकों को यहां से गुजरने में सहूलियत मिलेगी। बता दें कि हाईवे पर कुल 15 अंडरपास, तीन फ्लाईओवर, आठ पुल, एक रेलवे ओवर ब्रिज व कुल 51 पुलिया बनाई जा रही हैं।
कोट-
हाईवे का चौड़ीकरण निर्धारित अवधि में पूरा हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पर जोर है। इस वर्ष के अंत से पहले ही हाईवे पर वाहन फर्राटा भरेंगे। कार्य सही गति से पूरा किया जा रहा है। - संतोष वाजपेयी, पीडी एनएचएआई।