ब्रजघाट गंगा अब कूड़ा करकट और पॉलीथिन से मुक्त हो सकेगी। कलकत्ता, पटना और वाराणसी के बाद अत्याधुनिक मशीन ब्रजघाट गंगा पहुंच चुकी है। यह रोजाना आठ घंटा काम कर गंगा में गिरने वाले कूड़ा करकट को बाहर निकालकर किनारे पर डालेगी।
केंद्र सरकार के तत्वावधान में संचालित हो रहे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और नमामि गंगे योजना के तहत ब्रजघाट गंगा को साफ सुथरा बनाने के लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने ट्रैस स्कीमर मशीन भेजी है। ब्रजघाट गंगा में मशीन ने काम शुरू कर दिया है।
यहां से पहले यह मशीन केवल कलकत्ता, पटना और वारणसी गंगा में सफाई का जिम्मा संभाल रही हैं। ड्राइवर अरुण ने बताया कि ट्रैस स्कीमर मशीन कोयंबटूर से आई है, इसको चलाने के लिए पिछले दिनों तीस सदस्य विशषज्ञों की टीम ने तामिलनाडू में प्रशिक्षण दिया था।
टीम मशीन से रोजाना आठ घंटा काम करेगी और तीन लीटर डीजल की खपत करेगी। ट्रैस स्कीमर मशीन गंगा से दोने, पत्तल, पॉलीथिन, फूल, कपड़े समेत सभी प्रकार का कूड़ा बाहर निकालकर किनारे पर छोडे़गी।
वहां से उसे पालिका कर्मियों की टीम उठाकर डंपिंग ग्राउंड में पहुंचाएगी। गंगा विचार मंच के वेस्ट यूपी के सह संयोजक अशोक शर्मा ने बताया कि ट्रैस स्कीमर मशीन की कीमत 20.64 करोड़ रुपये है। यह पूरी तरह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है।
जिसके चलते मशीन से गंगा में रहने वाली मानवमित्र डॉल्फिन समेत अन्य जलीय जीव जंतुओं को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से मिली जानकारी के अनुसार पहले चरण के दौरान ट्रैस स्कीमर मशीन ब्रजघाट में तीन साल तक काम करेगी।