ब्रजघाट। उत्तराखंड में बादल फटने के बाद बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने से गढ़ खादर क्षेत्र में तीसरी बार बाढ़ आने का खतरा मंडराने लगा है। निचले जंगल में जलभराव होने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। ऐसे में पशुओं के चारे का संकट और गहराता जा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार की देर शाम को बिजनौर बैराज से 1.18 लाख क्यूसिक पानी गंगा में छोड़ा गया है। इसके शुक्रवार की सुबह गढ़ ब्रजघाट गंगा में आने से जलस्तर बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से फसलें खराब हो गई हैं। इसके कारण ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट गहराता जा रहा है। चक लठीरा के प्रधान निरंजन सिंह राणा ने बताया कि खादर क्षेत्र के गांवों में तीसरी बार बाढ़ आने का डर सता रहा है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि उत्तराखंड में बादल फटने के कारण गढ़ ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सात सेंटीमीटर की वृद्धि होने से बृहस्पतिवार की देर शाम गंगा का जलस्तर बढ़कर 198.60 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है। एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को चौकसी बरतने की हिदायत दी जा रही है।