जलस्तर में बढ़ोतरी से ब्रजघाट में घाट की सीढिय़ों तक पहुंची गंगा। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान तक पहुंच गया है। जलस्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंचते ही खादर क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर ब्रजघाट पर भी दिखाई देने लगा है। स्नान घाटों की कई सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान और पूजा-अर्चना में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन घाटों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।
प्रशासन के अनुसार 198.33 मीटर चेतावनी स्तर, 199.33 मीटर खतरे का निशान (ऑरेंज अलर्ट) और 199.99 मीटर पर रेड अलर्ट के साथ बाढ़ घोषित की जाएगी। ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
खादर क्षेत्र के किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि हर वर्ष बाढ़ के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो जाती हैं और इस बार भी वही खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो खेतों में खड़ी फसल डूब सकती है। इसके अलावा खादर के संपर्क मार्ग भी पानी से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे गांवों का आवागमन प्रभावित होता है। पशुओं के लिए हरे चारे की कमी और घरों में चूल्हा जलाने के लिए ईंधन की समस्या भी पैदा होने का डर है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए खादर क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग लगातार जलस्तर की जानकारी ले रहे हैं और प्रशासन से समय रहते आवश्यक सुरक्षा एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। यदि बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि तहसील स्तर से लगातार टीम गांवों में भ्रमण कर रही है। लोगों को समय-समय पर संपर्क कर जानकारी दी जा रही है।