पुलिस-प्रशासन रहा सतर्क, श्रद्घालुओं को हाईवे से लौटाया
गढ़मुक्तेश्वर। आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा के पर्व पर ब्रजघाट गंगा तट पर उमड़ी भीड़ से सबक लेते हुए सावन माह के पहले सोमवार को पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। हाईवे पर मौजूद पुलिस ने स्नान के लिए आए श्रद्घालुओं को वापस लौटाया। किसी को भी गंगा तट पर नहीं पहुंचने दिया गया। केवल अस्थि विसर्जन और दाह संस्कार के लिए आए लोगों को ही गंगा तट पर पहुंचने की अनुमति दी गई।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन द्वारा सावन माह में कांवड़ यात्रा पर रोक लगाते हुए गंगा स्नान पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में जिलास्तरीय अधिकारियों ने पुलिस-प्रशासन के स्थानीय अधिकारियों को निर्देशित भी किया, लेकिन रविवार को आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा पर पुलिस-प्रशासन द्वारा किए गए सभी इंतजाम धड़ाम हो गए और 50 हजार से अधिक श्रद्धालु गंगा तट तक पहुंच गए, जिन्होंने स्नान और पूजन किया। इस समाचार को अमर उजाला ने अपने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस घटना से सबक लेते हुए एसडीएम विजयवर्धन तोमर और सीओ पवन कुमार ने अधीनस्थों को सावन माह के दौरान पूरी सतर्कता बरतने का भी निर्देश दिया। जिसके चलते सोमवार को ब्रजघाट चौकी प्रभारी सत्यपाल सिंह पुलिस और यातायातकर्मियों को साथ लेकर हाईवे ब्रजघाट गंगा पुल के पास डट गए। पुलिस और यातायात कर्मियों ने बाहरी क्षेत्रों से गंगा स्नान करने आ रहे श्रद्धालुओं को हाईवे से ही वापस बैरंग लौटा दिया। जिसके चलते गंगा तट पर भीड़ एकत्र नहीं हो सकी। वहीं गंगा के स्नान घाटों पर भी पुलिस कर्मी तैनात रहे, जिन्होंने अब्थि विसर्जन करने पहुंचे लोगों को भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ विसर्जन कराया। वहीं ब्रजघाट गंगा तट तक पहुुचने वाले सभी रास्तों पर भी पुलिसकर्मी तैैनात रहे।
अस्थि विसर्जन और अंतिम संस्कार को मिली अनुमति
- सोमवार को गंगा के घाटों तक पहुंचने की अनुमति केवल अपने मृतक परिजनों की अस्थि विसर्जन करने आने वालों और दाह संस्कार करने वालों को ही दी गई। पुलिसकर्मियों ने अस्थि कलश साथ होने पर ही केवल दो लोगों को तट तक जाने दिया।
एसडीएम विजयवर्धन तोमर और सीओ पवन कुमार ने बताया कि सावन के महीने में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर गंगा स्नान और तट पर धार्मिक कर्मकांड नहीं होने दिए जाएंगे।