संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से छोड़ा गया अतिरिक्त जल पहुंचने से रविवार को गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। गंगा के उफान के चलते खादर के गांवों के जंगलों में एक बार फिर जलभराव होने लगा है। जिसके चलते चारा लाने के लिए किसानों को दिक्कत होने लगी है। रविवार को भी बैराज से अतिरिक्त जल छोड़ा गया है, जिसके ब्रजघाट पहुंचने पर जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी होना तय है।
गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का क्रम जारी है। अगस्त माह के पहले सप्ताह में गिरावट के बाद पिछले तीन दिनों से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर बैराज से छोड़ा गया पानी पहुंचने से शनिवार की शाम ब्रजघाट में जलस्तर यलो अलर्ट से तीन सेंटीमीटर ऊपर 198.76 मीटर(समुद्र तल से) था, वहीं रविवार को बिजनौर बैराज से छोड़ा गया एक लाख 63 हजार 274 क्यूसेक जल ब्रजघाट पहुंचने पर रविवार की शाम जल स्तर में नौ सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिससे जलस्तर 198.85 मीटर तक पहुंच गया। जो खतरे के निशान की तरफ बढऩे लगा है।
-जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होना तय
बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार रविवार को भी बिजनौर बैराज से एक लाख 13 हजार 430 क्यूसेक जल छोड़ा गया है। जिसके सोमवार को (आज)क्षेत्र में पहुंचने पर जलस्तर में और भी अधिक बढ़ोतरी होगी।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष मेरठ के अनुसार गंगा जलस्तर के 199.03 मीटर के निशान पर पहुंचते ही अलर्ट घोषित कर ग्रामीणों को गांव छोडऩे की चेतावनी जारी कर दी जाती है, वहीं 199.33 मीटर के निशान पर पहुंचने पर बाढ़ की घोषणा कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया जाता है।
एसडीएम अंकित कुमार वर्मा ने बताया कि जल स्तर में बढ़ोतरी के बावजूद क्षेत्र में बाढ़ की संभावना नहीं है। बाढ़ चौकियों के जरिए जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से निपटने के इंतजाम पूरे हैं।