अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिल्ली रोड के उद्यमियों को जल्द ही निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इस रोड पर प्रस्तावित 10 एमवीए क्षमता के बिजलीघर को जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में शुक्रवार को कारपोरेशन अफसरों ने डीएम से मुलाकात की। डीएम ने एसडीएम को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है।
दिल्ली पर सैकड़ों उद्योग, फैक्ट्री स्थित है। अभी तक इस क्षेत्र को बिजली आपूर्ति दिल्ली रोड बिजलीघर से दी जा रही है। इसपर आधे शहर का लोड होने के चलते उद्योगों को पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पाती है।
एमडी ने दिल्ली रोड पर 10 एमवीए क्षमता के नए बिजलीघर निर्माण को हरी झंडी दी थी।
पहले आईपीडीएस योजना के तहत यह बिजलीघर गांव धनपुरा के लिए प्रस्तावित था, लेकिन इस योजना के तहत सिर्फ शहर में ही कार्य होना है। इसलिए एमडी ने धनपुरा में बिजलीघर को निरस्त कर, इससे दिल्ली रोड पर बनवाने के निर्देश दिए थे।
शुक्रवार को अधीक्षण अभियंता भूदेव प्रसाद व अधिशासी अभियंता प्रिंस कुमार गौतम ने डीएम से जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में वार्ता की। डीएम ने एसडीएम को जमीन चिंहित करने की जिम्मेदारी सौंप दी है।
बता दें कि इस बिजलीघर के निर्माण से न सिर्फ आधे शहर की आबादी को ओवर लोडिंग से राहत मिलेगी। सैकड़ों उद्योग फैक्ट्रियों को भी भरपूर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। अधीक्षण अभियंता भूदेव प्रसाद का कहना है कि एमडी के निर्देश पर बिजलीघर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में डीएम से वार्ता की है।
आईआईए के मंडल चेयरमैन अमन गुप्ता का कहना है कि ओवर लोडिंग व बिजली कटौती से फैक्ट्रियां चलाना मुश्किल हो गया है। नया बिजलीघर बनने से उन्हें इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा।
हापुड़ स्मॉल स्केल के जिलाध्यक्ष संजय सिंहल का कहना है कि अभी तक दिल्ली रोड की फैक्ट्रियों को आपूर्ति दिल्ली रोड बिजलीघर से मिल रही है। ऐसे में ओवर लोडिंग के चलते उन्हें फैक्ट्रियां चलाना मुश्किल हो गया है। नए बिजलीघर से काफी राहत मिलेगी।