सरस्वती मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी और मेडिकल स्टोर पर अधिक मूल्य पर दवाओं की बिक्री करने और अन्य शिकायतों की ड्रग विभाग की टीम ने डीएम के निर्देश पर जांच की। टीम ने चार दवाओं के नमूने लिए।
अभिलेखों का रखरखाव सही न मिलने पर चार दवाओं की बिक्री पर रोक लगाते हुए टीम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी कि मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी और मेडिकल स्टोर पर दवाएं अधिक मूल्य पर बेची जा रही हैं
और पर्चे पर दवा का नाम न लिखकर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस शिकायत पर डीएम अनिल ढींगरा और सहायक आयुक्त (ड्रग) मेरठ मंडल के निर्देश पर ड्रग निरीक्षक दीपा लाल और बुलंदशहर के ड्रग निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने संयुक्त रूप से मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जांच की।
ड्रग निरीक्षक दीपा लाल ने बताया कि दवाएं सही दामों पर दी जा रही थीं। पर्चों पर कोई कोड नहीं मिला बल्कि दवाओं के नाम लिखे हुए थे। टीम ने फार्मेसी और मेडिकल स्टोर से चार दवाओं के नमूने लिए हैं। दवाओं के अभिलेख सही न मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अभिलेख मिलने तक चार दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। पिलखुवा में भी नेशनल हाईवे स्थित दो दवा की दुकानों से नमूने लिए गए हैं।