हापुड़। बुधवार को सीजन के पहला कोहरा पड़ा। सुबह से दोपहर तक घने कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। इसके बाद स्मॉग ने रूप ले लिया। पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रही। जिससे बुधवार को प्रदूषण के सारे रिकार्ड टूट गए। बुधवार को एक्यूआई 375 दर्ज किया गया। इसके कारण लाेगों को सांस लेने और आंखों में जलन से परेशानी हुई।
बुधवार सुबह चार बजे से ही कोहरा छा गया। इस कारण सड़कों पर दृश्यता भी कम हो गई। हाईवे पर वाहन चालकों को 100 मीटर से अधिक दूरी का नजर नहीं आ रहा था। कोहरे के कारण काेई दुर्घटना न हो, इसलिए लोगों ने वाहनों का संचालन इंडीकेटर व हेडलाइट जलाकर किया। वहीं, हल्की शीत लहर चलने से लोगों को ठंड का भी एहसास हुआ। सुबह करीब 11 बजे तक पहले काेहरे के कारण लोगों का सड़कों पर चलना दुश्वार हुआ। इसके बाद आसमान में स्मॉग की चादर फैल गई, जिसके कारण दिनभर लोग परेशान हुए।
जिले के ग्रैप का दूसरा चरण लागू है, लेकिन इसके बावजूद पाबंदियां नजर नहीं आ रही हैं। जगह-जगह कूड़ा जल रहा है और सड़कों पर पानी का छिड़काव तक नहीं हो रहा है। निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी हो रही है। जिसके कारण हापुड़ जैसे छोटे शहर में भी प्रदूषण की स्थिति काबू में नहीं आ रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को सीजन का सबसे प्रदूषित दिन होने के बावजूद जिले में छिड़काव नहीं किया गया।
छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
हवा चलने के बाद भी जिले में वायु प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यदि हवा की रफ्तार थमती है तो फिर और एक्यूआई बढ़ सकता है। जिससे सांस, हृदय व आंखों के रोगियों की संख्या और अधिक बढ़ेगी। बुधवार को जिला अस्पताल और सीएचसी में आंखों के पीड़ित 117 और सांस की बीमार के 104 रोगी जांच कराने पहुंचे।
उड़ती धूल बनी मुसीबत
मुख्य मार्गों पर वाहनों के संचालन के दौरान धूल उड़ रही है। पानी का छिड़काव न होने और खुले में निर्माण जाने के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके बाद भी प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं।
जनपद में एक्यूआई की स्थिति
समय
एक्यूआई
रात एक बजे
282
तीन बजे
267
सुबह पांच बजे
280
सात बजे
282
नौ बजे
283
11 बजे
283
दोपहर एक बजे
295
तीन बजे
317
शाम चार बजे
330
सात बजे 375
नोट - यह आंकड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से लिए गए हैं।
कोट -
प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव सड़कों पर कराया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वह जरूरी कार्य से ही वाहन का संचालन करे। - संदीप कुमार, एडीएम