कोहरे के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। हापुड़ डिपो को भी कोहरे ने सात दिन में लाखों रुपये का चूना लगा दिया है।
धुंध के कारण बसों का संचालन गड़बड़ा गया है। उधर, यात्रियों को भी घंटों बस स्टैंड पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
हापुड़ डिपो से विभिन्न मार्गों पर 98 बसों का संचालन होता है। इन बसों के संचालन से डिपो को प्रतिदिन औसतन 12 लाख रुपये का राजस्व मिलता है।
कोहरे के कारण बसों का संचालन इस कदर गड़बड़ा गया है कि डिपो को प्रतिदिन 3 लाख रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आलम यह है कि डिपो की जो बस लोकल मार्ग पर पांच चक्कर लगाती थी अब वह सिर्फ तीन या चार चक्कर ही लगा पा रही हैं।
एआरएम धीरज सिंह पवार का कहना है कि कोहरे के कारण निगम को रोजाना लाखों का नुकसान हो रहा है। बसों के बेहतर संचालन का प्रयास किया जा रहा है।