संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। पिछले तीन दिन से कोहरा न होने के कारण ट्रेनों का संचालन सुधर गया था। लेकिन बुधवार को फिर से कोहरे ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। घना कोहरा होने के कारण दृश्यता कम हो गई और ट्रेनों का संचालन धीमी गति से हुआ। ऐसे में रेल यात्रियों को ट्रेन के इंतजार में छह से सात घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
सर्दी का सितम लगातार लोगों को परेशान कर रहा है। ऐसे में बुधवार को कोहरे के रेल यात्रियों की परेशानी ओर बढ़ा दी। बापूधाम मोतिहारी से चलकर आनंद विहार को जाने वाली चंपारण सत्याग्रह अपने निर्धारित समय से सात घंटे, प्रयागराज से चलकर मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस छह घंटे 30 मिनट, अयोध्या कैंट से पुरानी दिल्ली जाने वाली अयोध्या एक्सप्रेस पांच घंटे की देरी से पहुंची।
इसके अलावा प्रयागराज से चलकर सहारनपुर को जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस तीन घंटे, डिब्रूगढ़ से लालगढ़ जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस दो घंटे, बरेली से नई दिल्ली जाने वाली इंटर सिटी एक्सप्रेस आधा घंटे, मेरठ से चलकर लखनऊ को जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस आधा घंटे, भुज से चलकर बरेली जाने वाली आला हजरत एक्सप्रेस आधा घंटे की देरी से पहुंची।
ट्रेन के इंतजार में सर्द हवाओं के बीच रेलयात्री प्लेटफार्म पर ही ट्रेनों का इंतजार करते रहे। नौकरी, व्यवसाय पर जाने वाले दैनिक यात्रियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। इसके साथ ही ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक अजब सिंह ने बताया कि ट्रेनों का संचालन सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन कोहरा अधिक होने के कारण दृश्यता शून्य तक पहुंच गई है, जिस कारण ट्रेनें पीछे से ही घंटों की देरी से चल रही हैं।