ब्रजघाट में जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी गंगा का उफान जारी। संवाद
गढ़मुक्तेश्वर। बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज में कमी आने से तीन दिनों से गढ़-ब्रजघाट क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। तीन दिन में जलस्तर में 11 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद ग्रामीणों और किसानों की परेशानी कम नहीं हुई हैं। खेतों में पानी भरा कम न होने के कारण पशुओं के लिए चारा एकत्र करना चुनौतीपूर्ण हो चुका है। ग्रामीणों को पांच से छह किलोमीटर की दूरी तय कर गढ़ बांगर और आसपास के गांवों के जंगलों से चारा लाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के गांव मिश्रीपुर, लठीरा, गडावली, लठीरा समेत आसपास के क्षेत्रों के गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानी बाढ़ आने के दौरान काफी हद तक बढ़ गई थी। वर्तमान में गंगा का जलस्तर बाढ़ के निशान से 33 सेंटीमीटर नीचे आ गया है लेकिन खतरे के निशान पर बरकरार है।
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि शुक्रवार को ब्रजघाट में जलस्तर 199.11 मीटर के निशान पर था। जो रविवार को 199 मीटर (समुंद्र तल से) पर दर्ज किया गया है लेकिन गांवों के आसपास आबादी और जंगल में अभी भी पानी भरा हुआ है। जिस कारण खेतों में चारा काफी हद तक पानी में डूबा हुआ है।
किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि गंगा किनारे को मजबूत किया जाए और बाढ़ से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। एसडीएम श्रीराम का कहना है कि जलस्तर कम हो रहा है। जलस्तर की निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक स्तर से हर संभव मदद की जा रही है।