हापुड़। हीट वेव और डायरिया की चपेट में आए मरीजों को महज 30 दिन में 50 हजार से अधिक ओआरएस बांट दिए गए हैं। साथ ही पांच हजार से अधिक ग्लूकोज की बोतले चढ़ाई गई हैं। यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं, निजी बाजार से भी करीब तीन करोड़ के ग्लूकोज खरीदे गए हैं।
भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, मरीजों में डिहाइड्रेशन की समस्या सबसे अधिक है। किसी भी मर्ज के चिकित्सक को ग्लूकोज अनिवार्य रूप से चढ़ाई जा रही है। साथ ही गर्मी से बीमार पड़े मरीज को ओआरएस का पैकेट दिया जा रह है। ओपीडी में आने वाले 70 फीसदी से अधिक मरीजों को इनकी आवश्यकता पड़ रही है।
जिलेभर के सीएचसी, पीएचसी और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर गौर करें तो इस महीने 50 हजार से अधिक ओआरएस के पैकेट मरीजों में वितरित किए गए हैं। हापुड़ सीएचसी से बृहस्पतिवार को 20 हजार ओआरएस और ग्लूकोज की बोतलों की भी मांग भेजी है। डायरिया के कारण मरीजों में पेट दर्द, गैस बनने की शिकायत आ रही है, जिस कारण इन दवाओं की डिमांड भी तेजी से बढ़ी है। जिलेभर के अस्पतालों में इन दवाओं की अनिवार्यता जरूरी कर दी गई है।
एक्सपायरी दवा बांटने के मामले में बैठी जांच-
मरीजों को पेट दर्द की एक्सपायरी दवा बांटने के मामले में सीएमओ ने जांच कमेटी गठित की है। 29 मई को जिन मरीजों को दवा आवंटित हुई। उनसे जानकारी की जाएगी। साथ ही अन्य अस्पतालों की फार्मेसी को भी जांचा जाएगा।
नवजात बच्चों को डायरिया कर रहा परेशान
नवजात बच्चों में डायरिया का प्रकोप अधिक है, नर्सरी में 40 फीसदी से अधिक ऐसे ही बच्चे भर्ती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.समरेंद्र राय ने बताया कि ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी से अधिक बच्चों में डायरिया मिल रहा है, कुछ को भर्ती करने की भी आवश्यकता पड़ रही है।
दवाओं की नहीं होगी कमी
जिलेभर के अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। ओआरएस और ग्लूकोज की कोई कमी नहीं है। जितनी मांग अस्पतालों से मिल रही है, वह पूरी कराई जा रही है।डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।