रविवार शाम आई तेज आंधी ने देहात अंचल में ब्लैक आउट कर दिया। पांच बिजलीघर लाइन पर पेड़ों की शाखाएं गिरने के कारण ठप हो गए। पूरी रात लाइनों की मरम्मत न होने से लोग गर्मी और मच्छरों से जूझते रहे। सोमवार सुबह बिजली कर्मियों ने लाइनों की मरम्मत की।
रविवार शाम करीब छह बजे अचानक तेज आंधी शुरू हो गई। इससे जंगलों के बीच से निकल रही विद्युत लाइनों पर पेड़ की शाखाएं गिरने से जगह-जगह फाल्ट हो गया। आनन फानन में लाइन की पेट्रोलिंग शुरू की गई, लेकिन रात होने के कारण लाइनों की मरम्मत नहीं हो सकी।
इसके चलते अतराड़ा, धीरखेड़ा देहात बिजलीघर पूरी रात बंद पड़े रहे, लालपुर और उबारपुर बिजलीघर को रात 2 बजे चालू किया जा सका। वहीं जसरूपनगर, किल्होड़ा, मोदीनगर रोड, वझीलपुर, सपनावत, प्रीत विहार बिजलीघर के कई फीडर भी काफी देर तक ठप रहे।
इससे पांची, कैली, धीरखेड़ा, जोगीपुरा, वझीपुर, दोयमी, धनौरा, जसरूपनगर, बदनौली, दस्तोई, चितौली, रामपुर, सीतादेही, लालपुर, नली हुसैनपुर समेत करीब 80 गांवों की आपूर्ति बाधित रही। निगम कर्मियों ने दिन निकले से मरम्मत कार्य शुरू किया।
करीब 10 बजे तक सभी बिजलीघरों को चालू किया जा सका। अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि रात में फाल्ट ढूंढने में मुश्किल होती है। हालांकि पेट्रोलिंग की गई लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला। सुबह आपूर्ति बहाल कर दी गई।
तेज बारिश के दौरान रविवार रात राजकीय महिला चिकित्सालय में लगे एक हजार केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर पर बिजली गिर गई। तेज धमाके के साथ ट्रांसफार्मर फुंकने से अस्पताल में अफरातफरी मच गई।
साथ ही करीब पांच हजार घरों में आपूर्ति ठप हो गई। वहीं मेरठ रोड पर एचटी लाइन पर होर्डिंग गिरने से दिल्ली रोड बिजलीघर का फीडर नंबर -7 तीन घंटे तक बंद रहा।
राजकीय महिला चिकित्सालय परिसर में लगे एक हजार केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर से कसेरठ बाजार के करीब पांच हजार घरों को बिजली आपूर्ति दी जाती है। अस्पताल में भी इसी ट्रांसफार्मर से सप्लाई होती है। रविवार को बरसात के दौरान बिजली के गिरने से यह ट्रांसफार्मर फुंक गया।
अस्पताल में तैनात स्टॉफ ने बताया कि तेज धमाके के कारण अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं में हड़कंप मच गया। तत्काल निगम कर्मियों को सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई गई। रातभर कसेरठ बाजार इलाके के हजारों घरों में बिजली आपूर्ति ठप रही।
सोमवार दोपहर करीब दो बजे तक ट्रांसफार्मर बदल कर आपूर्ति बहाल की गई। दिल्ली रोड पर भी हाईटेंशन लाइन पर होर्डिंग गिरने से फाल्ट हो गया। इसके कारण दिल्ली रोड बिजलीघर का फीडर-7 ठप हो गया। मेरठ रोड के हजारों घरों में करीब तीन घंटे तक बिजली किल्लत रही।
आंधी में तार टूटने से 85 गांवों की बिजली सप्लाई करीब 20 घंटे तक गुल रही। इससे हजारों परिवारों को जरूरी कामकाज ठप होने के साथ ही पानी की किल्लत भी झेलनी पड़ी। रविवार देर शाम को आंधी से मौसम खुशगवार होने पर लोगों को तपिश भरी गर्मी से राहत मिली थी,
लेकिन इस दौरान सिंभावली के बड़े बिजलीघर से छोटे बिजलीघर को आ रही 33 हजार वोल्टेज वाली लाइन का तार टूटने से सिंभावली, हरोड़ा और लोदीपुर उपकेंद्र से जुड़े 85 गांवों की सप्लाई गुल हो गई थी। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे इन इलाकों में सप्लाई बहाल हो सकी।
एसडीओ जीपी शर्मा का कहना है कि आंधी के दौरान 33 हजार वोल्टेज वाली लाइन का तार टूटने से बिजली सप्लाई बाधित हो गई थी, लेकिन टूटा तार जोड़कर सप्लाई को पूरी तरह सुचारु कर लिया गया है।
मेरठ रोड स्थित फ्लाई ओवर पर लाखों रुपये खर्च कर एचपीडीए द्वारा लगवाई गईं चार हाई मास्ट लाइटें पिछले कई दिनों से बंद हैं। इससे फ्लाई ओवर पर रात में अंधेरा छाया रहता है।
इस मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण के सचिव को तलब कर लिया है। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने कहा कि वह इस मामले की जांच कराएंगे। इसीलिए प्राधिकरण के सचिव एवं वित्त नियंत्रण विश्वजीत राय को उन्होंने तलब किया है।