औरंगाबाद को बुखार ने अपनी चपेट में ले रखा है। दो सप्ताह में पांच लोगों की मौत हो गई। पांचों को रात में खून की उल्टी हुई और अगले दिन दम दिया। पांचों बुखार से पीड़ित थे। परिजनों का कहना है कि उन्हें डेंगू था। अभी भी 150 से ज्यादा मरीज घर पर ही झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं।
लगभग इतने लोग ही किठौर के निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। संचारी और मच्छरजनित रोगों के रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग बीते कई महीने से अभियान चला रहा है।
औरंगाबाद की ग्राम प्रधान के पति हंसराज का कहना कि कई बार निवेदन के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जायजा नहीं लिया। अब पांच मौत होने पर सीमित संसाधनों के साथ गांव में कैंप लगाया गया है। गांव निवासी अनीता (28) और राजकुमार (42) को तेज बुखार हुआ था। निजी अस्पताल में इलाज कराया, रात को खून की उल्टियां होने पर अस्पातल में भर्ती कराया लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। निखिल (19), कपिल (38), वीरवती (70) ने भी इसी तरह दम तोड़ दिया।