हापुड़। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला त्रिलोकीपुरम निवासी अधिवक्ता की पुत्री की मौत के मामले में पुलिस ने गढ़ रोड स्थित लाल पैथोलॉजी लैब के कर्मचारी और चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। लैब पर देरी से रिपोर्ट देने और चिकित्सक पर गलत इलाज करने का आरोप है।
तहरीर में अधिवक्ता व आम आदमी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी ऋषिपाल सैनी ने बताया कि 9 जून को उनकी पुत्री कनिका को बुखार आया था, मोहल्ले में ही स्थित डॉ. विमलराज ने दवा दी, लेकिन बुखार ठीक नहीं होने पर डॉक्टर ने बेटी को गलत दवा दे दी। यहां से आराम नहीं लगने पर डॉ. डीके कंसल के यहां उपचार कराया। वहां बताया कि कनिका का लिवर ज्यादा मात्रा में दवा देने से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
चिकित्सक के कहने पर बेटी के रक्त की जांच गढ़ रोड स्थित लाल पैथोलॉजी लैब में कराई। स्टाफ ने शाम तक रिपोर्ट आने की बात कही। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि लैब ने तीन दिन में रिपोर्ट दी। इस कारण बेटी के उपचार में भी देरी हुई। मेरठ और दिल्ली के अस्पतालों में भी उपचार के दौरान काफी परेशान किया गया। 18 जून को उपचार के दौरान कनिका की मृत्यु हो गई।
बता दें कि इस मामले में पीडि़त ने पुलिस से शिकायत की थी। एमओ कार्यालय में शिकायत करने पर त्रिलोकीपुरम में चल रहा क्लीनिक फर्जी मिला, जिसे सील भी कर दिया गया। अब तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोट -
तहरीर के आधार पर सिमरौली निवासी डॉ. विमलराज भारद्वाज और गढ़ रोड स्थित लाल पैथोलॉजी लैब के कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में उचित कार्रवाई होगी। - जितेंद्र शर्मा, सीओ।