गड़मुक्तेश्वर। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सबसे ज्यादा असर गढ़ क्षेत्र के गांवों में दिख रहा है। हाल यह है कि हर दूसरे घर में लोग बुखार से तप रहे हैं। क्षेत्र के गांव बलवापुर, पूठ और नयाबांस में वायरल के सबसे अधिक मरीज हैं। झोलाछापों के सहारे ही इनका इलाज चल रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग भी गांवों में शिविर लगाने का दावा कर रहा है।
ग्रामीणों का मानना है कि रास्तों पर गंदगी और जलभराव से निजात न मिलने के कारण संक्रमण फैल रहा है, जिससे मच्छर मक्खियों के बढऩे से बुखार फैल रहा है। कई गांवों में डेंगू और टाईफाइड, मलेरिया के मरीज हैं। खादर क्षेत्र के गांव नयाबांस, गड़ावली, पूठ, शंकराटीला, नयागांव, कुदैनी की मढ़ैया में घर-घर में बुखार के मरीज हैं। बता दें कि गढ़ क्षेत्र में अब तक चार मौत हो चुकी हैं। कई गांवों में अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच शिविर शुरु नहीं हो पाए हैं, ग्रामीण गांव के ही झोलाछापों से उपचार कराने को मजबूर हो रहे हैं।
पूठ में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर
खादर के गांव पूठ में हर घर में बुखार के मरीज हैं। जिला मलेरिया अधिकारी सतेंद्र कुमार ने मरीजों की जांच करनी शुरु की है, शनिवार को गांव में शिविर लगाकर 120 मरीजों की जांच की गई। जिनमें 32 की मलेरिया और 18 की डेंगू की जांच हुई। लेकिन कोई मरीज मलेरिया,डेंगू से पीड़ित नहीं मिला।
कोट -
मौसम में परिवर्तन के कारण बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे बचाव के लिए बाहर के खाने का परहेज करें और ताजा भोजन खाएं। बिना चिकित्सक से मिले दवा न लें। गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाकर जांच कराई जा रही है। डॉ. सुनील कुमार त्यागी, सीएमओ