क्षेत्र में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को बुखार से एक और मासूम की मौत हो गई। इसके साथ ही गढ़ क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या 89 हो गई है।
बता दें कि तापमान में अपेक्षित गिरावट न होने के कारण वायरल फीवर, मलेरिया बुखार, टायफाइड, चिकन गुनिया और डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है।
सिंभावली के गांव हिम्मतपुर में हसमत खां के दो वर्षीय बेटे आतिफ की बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान सिंभावली की एक निजी क्लीनिक में मौत हो गई। हसमत खां ने बताया कि बच्चे को करीब एक सप्ताह से बुखार था।
शुरू में तीन दिन तक उसका गांव के ही निजी चिकित्सक से इलाज कराया गया था। आराम न मिलने पर चार दिन पहले उसे सिंभावली के निजी चिकित्सक को दिखाया गया था। उनकी दवा से बच्चे को कुछ आराम था
लेकिन बृहस्पतिवार सुबह अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे चिकित्सक के पास ले गए लेकिन वहां पहुंचकर उसने दम तोड़ दिया। बुखार का प्रकोप न थमने से गढ़, सिंभावली, बक्सर, बहादुरगढ़, ब्रजघाट,
डेहरा कुटी, नानपुर, झड़ीना समेत समूचे क्षेत्र के सरकारी अस्पताल और निजी चिकित्सकों के यहां मरीजों की भीड़ लगी हुई है। सिंभावली पीएचसी इंचार्ज डॉ. दिनेश भारती ने कहा कि बच्चे की मौत की सूचना नहीं है।