जिला अस्पताल की ओपीडी में आंखों की जांच करतीं चिकित्सक। संवाद
हापुड़। तेज गर्मी और उमस से डिहाइड्रेशन व आंखों में एलर्जी के रोगियों की संख्या बढ़ी है। सुबह से जिला अस्पताल और सीएचसी में ऐसे मरीजों की कतार लग जा रही है। चिकित्सक इसे बदलते मौसम का कारण बता रहे हैं। बुखार भी मरीजों को परेशान कर रहा है।
सीएचसी के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि गर्मी में पानी कम पीने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है और त्वचा के रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। गर्मी में पसीना, नमी और गीले कपड़ों को देर तक पहने रहना फंगल इंफेक्शन के लिए दिक्कत का कारण बनता है। रोजाना 3-4 लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए। गीले कपड़ों को तुरंत बदलें और शरीर को साफ रखें।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश ने बताया कि इस मौसम में आंखों में सूखापन और एलर्जी बढ़ रही है। आंखों को लगातार साफ पानी से धोएं, बाहर निकलते समय चश्में का प्रयोग करें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम और बुखार तेजी से बढ़ रहा है। डॉक्टर ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।