तापमान में गिरावट के बाद भी बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को वृद्धा और एक किशोर की बुखार से मौत हो गई। क्षेत्र में अब तक बुखार से 107 लोगों की जान जा चुकी है।
दिन और रात के तापमान में काफी गिरावट आ गई है। बावजूद इसके वायरल फीवर, मलेरिया, टायफाइड, चिकन गुनिया और डेंगू के मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
बहादुरगढ़ के गांव पसवाड़ा खादर में किसान मनोज सिंह के बेटे शिनांक (15) की बृहस्पतिवार तड़के मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उसे तीन दिन से बुखार था। बहादुरगढ़ के निजी चिकित्सक से उसका इलाज कराया जा रहा था,
लेकिन उसकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं सिंभावली के मोहम्मदपुर खुड़लिया गांव में रहने वाले दिनेश शर्मा की मां नंदो देवी (75) को एक सप्ताह से बुखार था। उन्हें पहले गांव और फिर सिंभावली के चिकित्सक से दवा दिलाई जा रही थी,
लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार सुबह उनकी मौत हो गई। गढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह और सिंभावली पीएचसी इंचार्ज डॉ. दिनेश भारती ने कहा कि मृतकों में किसी को भी सरकारी अस्पताल से दवा नहीं दिलाई गई थी, इसलिए मौत की सही वजह की कोई जानकारी नहीं है।