सीएमओ ऑफिस में ही पुराने हो गए वाहन
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विधानसभा चुनाव की आहट पर जिले और सूबे में मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधि तमाम तरह की जनोपयोगी योजनाओं का तेजी के साथ उद्घाटन कर रहे हैं। मगर, धरातल पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं हो रहा है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग को शासन की ओर से वातानुकूलित शव वाहन, एंबुलेंस और कोल्ड चैन वाहन मिले थे, लेकिन इन वाहनों से मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सीएमओ ऑफिस में यह वाहन खड़े-खड़े धूल फांक रहे हैं।
बता दें कि शवों को जिला अस्पताल से साधारण एंबुलेंस या निजी वाहनों से पोस्टमार्टम हाउस तक भेजा जाता है। परिजनों को तो निजी वाहनों में ही शव को ले जाना पड़ता है, ऐसे में सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं को पलीता लगाया जा रहा है।
सरकारी अस्पताल में पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को दूसरे जिलों के अस्पताल में भर्ती करने के लिए शासन से स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस मिली हुई है। यह एंबुलेंस भी सीएमओ कार्यालय की शोभा बढ़ा रही है।
इतना ही नहीं कोल्ड चैन दवाओं के लिए जो वाहन शासन से मिला है, वह भी जिला अस्पताल में खड़ा न होकर सीएमओ कार्यालय पर ही खड़ा है। मरीजों की सहुलियत के लिए शासन से मिले लाखों के वाहन खड़-खड़े कंडम होते जा रहे हैं।
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि चालकों की कमी के चलते परेशानी हो रही है। शासन से चालकों की डिमांड की गई है, चालकों के मिलते ही वाहनों को जिला अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा।