बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई गेहूं और सरसों की फसल देख सिंभावली के गांव बिलहार में एक किसान की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीण के मुताबिक किसान फसल को बेचकर कर्ज चुकाना चाहता था।
रविवार शाम खेत से लौटने के बाद सदमें में किसान को हार्टअटैक हो गया। किसान की मौत से परिजनों का रोकर बुरा हाल है। सिंभावली ब्लॉक के गांव बिलहारा में रहने वाला 50 वर्षीय किसान यशपाल उर्फ मुन्ना रविवार की शाम को खेतों में फसल देखने गया था।
यहां शनिवार को हुई ओलावृष्टि और तेज आंधी से तबाह हुई गेहूं और मटर की फसल देख वे गिर पड़े। इसके बाद हार्टअटैक होने से उनकी मौत हो गई। आसपास के खेतों के किसानों ने उनकी मौत की सूचना परिजनों को दी तो कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही परिजन खेत की ओर भागे और शव को घर ले आए।
मृतक किसान 6 बच्चों का पिता था, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है और शेष अभी अविवाहित हैं। एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि किसान की मौत कैस हुई जांच की जाएगी। हालांकि किसान की मौत होने का मामला फसल की तबाही की बजाए दिल का दौरा पड़ने से होना प्रतीत हो रहा है।
किसान पर था करीब चार लाख का कर्ज
बताया गया है कि किसान यशपाल उर्फ मुन्ना पर साधन सहकारी समिति और बैंकों का करीब चार लाख रुपये का कर्ज था। यह कर्ज उसने पिछले साल ओलावृष्टि से फसल तबाह होने के बाद लिया था।
बेटे विशाल का कहना है कि उसके पिता गेहूं और सरसों की फसल को बेचकर कर्ज चुकाना चाहते। ररिवार सुबह से ही वह खेत पर जाने के लिए परेशान थे। जब वह खेत पर पहुंचे तो यहां बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसल को देखकर उन्हें सदमा लगा और उनकी हृदय गति रुकने से मौत हो गई।