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45 मिनट तक एनएच पर किसानों का ‘कब्जा’

Sat, 01 Apr 2017 10:03 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
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एनएच पर किसानों का ‘कब्जा’ - फोटो : अमर उजाला
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गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने के विरोध में भाकियू ने शनिवार को सिंभावली गन्ना समिति का घेराव किया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने समिति के सचिव को बंधक बना लिया और एनएच पर करीब 45 मिनट तक आवागमन ठप रखा।
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इसके बाद किसानों ने मिल परिसर में भी काफी देर तक हंगामा किया। एसडीएम और डीसीओ द्वारा 23 अप्रैल तक भुगतान करवाने के आश्वासन पर किसान शांत हुए। भाकियू की मासिक पंचायत का आयोजन शनिवार को सिंभावली गन्ना विकास समिति परिसर में हुआ।

इसमें गन्ना मूल्य का पेमेंट न मिलने का मुद्दा छाया रहा। राष्ट्रीय सचिव चौधरी सतबीर सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार शुगर लॉबी को ऋण मुहैया कराकर आर्थिक तंगी में जूझ रहे किसानों को अविलंब राहत दिलाए।
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प्रदेश उपाध्यक्ष कुशल पाल आर्य, मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री और जिला प्रभारी सतबीर चौहान ने कहा कि गन्ना पेमेंट न मिलने से किसान आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। इसी दौरान सिंभावली गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ वहां वार्ता करने पहुंच गए,

लेकिन कार्यकर्ताओं ने वार्ता करने की बजाए नारेबाजी शुरू कर दी। गुस्साए किसानों ने समिति दफ्तर में तालाबंदी कर दी और फिर सचिव को जबरन अपने साथ लेकर मिल गेट पर पहुंच गए, जहां दोपहर करीब सवा 12 बजे किसानों ने नेशनल हाइवे को पूरी तरह जाम कर दिया।

करीब 45 मिनट तक किसानों ने एनएच पर आवागमन रोके रखा। राहगीरों की गुजारिश पर कार्यकर्ताओं ने करीब एक बजे जाम खोल दिया और हाईवे से उठकर शुगर मिल परिसर पहुंच गए। यहां नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता हेड ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए।

सूचना मिलते ही सीओ एसपी दूबे, ट्रेनी सीओ अभिषेक तिवारी और एसओ विजय बहादुर वहां पहुंच गए, लेकिन काफी देर तक वार्ता के बाद भी भाकियू नेताओं ने धरना समाप्त करने से साफ इंकार कर दिया।

थोड़ी देर बाद एसडीएम आरएन पांडेय और डीसीओ नमिता कश्यप मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने भरोसा दिलाया कि 23 अप्रैल तक किसानों को हर हाल में गन्ने का पूरा पेमेंट अदा करा दिया जाएगा।

इसके बाद किसानों का गुस्सा शांत हुआ। प्रदर्शन करने वालों में रामपाल चौहान, सुरेंद्र चौहान, एसपी कर्दम, विरेंद्र सिंह, जसवंत, गंगाशरण शर्मा, नरेंद्र सिंह, चमन सिंह, रविकरण सिंह, फूलसिंह चौहान, कृपाराम राणा, तोताराम, चंपत सिंह, माशा अल्लाह,

राहत खां, केप्टन राजेश, नंदकिशोर सैनी, शुभम गोयल, एशपाल, दिनेश शर्मा, मास्टर भोपाल, विपिन सिंधू, ग्यासुद्दीन, पुष्पेंद्र, रामपाल सिंह, नीरज तोमर, विनोद तोमर, देवेंद्र शर्मा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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