गढ़मुक्तेश्वर। बार-बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद गढ़-मेरठ मार्ग में हुए गहरे गड्ढे ठीक न होने पर गुस्साए किसानों ने मंगलवार को भाकियू संघर्ष(अरा.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनजीत गुर्जर के नेतृत्व में दौताई गांव के निकट सड़क पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने विरोध स्वरूप गड्ढों में पौधे रोप दिए। इस दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर किसानों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
इस दौरान सरनजीत गुर्जर ने कहा कि शासन और प्रशासन पूरी तरह निरंकुश हो चुका है। गढ़-मेरठ मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद इस मार्ग में करीब तीन किलोमीटर तक गहरे गड्ढे लंबे समय से हैं। क्षतिग्रस्त सड़क हादसों का कारण बन रही है। जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रधान ने कहा कि लंबे समय से लगातार ग्रामीण, किसान संगठन समेत स्थानीय लोग सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। हर बार प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया जाता है। लेकिन सड़क पर पैबंद लगाकर छोड़ दिए जाते हैं। बरसात में सड़कों के गहरे और चौड़े गड्ढे जानलेवा बने हुए हैं। संभवतः कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन की आंख खुलेगी। युवा प्रदेशाध्यक्ष नितेश पंडित ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो भाकियू संघर्ष के कार्यकर्ता तहसील और जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
- तेज बारिश में भी डटे रहे किसान, बनी जाम की स्थिति
भाकियू संघर्ष के विरोध प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाली प्रभारी नीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सरनजीत गुर्जर और किसानों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, तेज बारिश के बीच किसान सड़क पर डटे रहे। बारिश के कारण हाईवे पर भी वाहनों का आवागम कम रहा, इसके बावजूद किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर वाहनों के पहिए थम गए। जिस कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई।
एसडीएम के आश्वासन के बाद सड़क से हटे कार्यकर्ता
सूचना के बाद एसडीएम श्रीराम सिंह भाकियू संघर्ष के कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और उनसे वार्ता की। किसानों ने समस्या के समाधान की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने गड्ढों की मरम्मत का काम जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया।
इस दौरान कृष्णवीर सिंह गब्बर, चंद्रपाल, अजय शर्मा, डॉ. जावेद अली, बादल, पपेश प्रधान, रिहान चौधरी, अमित प्रधान, राजेश शर्मा, फजर मौजूद रहे।