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हापुड़। गन्ने का मूल्य तय नहीं होने और हापुड़ के चीनी मिलों पर किसानों की बकायेदारी के विरोध में भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर, जिला मुख्यालय पर गन्ने की होली जलाई। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर, इन समस्याओं के निस्तारण की आवाज उठाई।
भाकियू जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सब चीजों पर महंगाई बढ़ रही है। यहां तक कि कीटनाशक, बीज और पानी भी महंगा हो गया है। लेकिन गन्ने के दामों में सरकार इजाफा नहीं कर रही है। आधा सत्र बीत चुका है, लेकिन अभी तक गन्ने के दामों की घोषणा नहीं हो सकी है। पर्चियों पर शून्य बैलेंस लिखकर आ रहा है। खाद समितियों पर उर्वरकों की कमी है, जिस कारण किसानों को परेशान होना पड़ रहा है।
जिला प्रभारी राधेलाल त्यागी ने कहा कि जिले की दोनों ही चीनी मिलों पर पिछले सत्र का भी 70 करोड़ से अधिक बकाया है। नए सत्र का भुगतान अभी तक शुरू नहीं किया है। किसान पहले ही आलू की फसल में बर्बाद हो चुके हैं, लेकिन गन्ना भुगतान को लेकर जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। 31 दिसंबर तक पूरा भुगतान कराने का दावा किया गया था, लेकिन जिला प्रशासन का यह वादा भी धूमिल हो गया।
किसानों ने निराश्रित पशुओं के आतंक और फसल नष्ट होने की समस्या भी उठाया। 600 करोड़ का नलकूप बिल घोटाला और किसानों को बिलों में छूट दिए जाने का भी मामला उठाया गया। अच्छेजा से किसानों ने पैदल मार्च शुरू किया। गन्ने हाथ में लेकर किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। वहां धरना प्रदर्शनकर, कलक्ट्रेट परिसर में ही गन्ने की होली जलायी और नारेबाजी की। दाम जल्द घोषित करने और भुगतान कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने वालों में संजय त्यागी, मोनू त्यागी, एलपी सिंह, अनिल हूण, हरेंद्र प्रधान, रवि भाटी, चौधरी यशवीर सिंह, यतेंद्र गुर्जर, सुरेंद्र चौहान, संजय चौहान, प्रदीप त्यागी, रिंकू, महेंद्र सिंह, रविंद्र नागर, अमित, विनोद तोमर, अनिल त्यागी, मनोज, बब्लू आदि मौजूद रहे।
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