बाबूगढ़। थाना क्षेत्र के गांव छपकौली स्थित नहर में गांव निवासी किरनपाल उर्फ मुन्नू (55) खुद ही अंगोछे से हाथ बांधकर नहर के कूद गए। खेत पर घूमकर आए किसान ने पहले सामान्य रूप से नहर पर तैनात चौकीदार से बात की थी। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस व गोताखोर देर शाम तक नहर में उनकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन उनका पता नहीं चला।
ग्रामीणों के अनुसार गांव छपकौली निवासी किरनपाल बुधवार की सुबह करीब छह बजे अपने खेतों पर घूमने गए थे। घूमकर आने के बाद गांव निवासी एवं नहर पर तैनात चौकीदार अमरपाल से वह बातें करने लगे। इसके कुछ देर बाद चौकीदार किसी काम से अपने कमरे में चले गए। इसी बीच किरनपाल ने अंगोछे से अपने हाथ बांध लिए और नहर में कूद गए।
नहर में किरनपाल को कूदते देख चौकीदार ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर किसान मौके पर आ गए। चौकीदार व ग्रामीणों ने इसकी सूचना डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को दी। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गोताखोरों को बुलाया। गोताखोर व ग्रामीणों ने नहर में किरनपाल की तलाश की लेकिन उनका सुराग नहीं मिला। सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि गोताखोरों के माध्यम से नहर में उनकी तलाश की जा रही है। बताया जा रहा है कि पिछले चार महीने से किरनपाल अवसाद में थे। तीन बहन और दो भाइयों में वे चौथे नंबर के थे। फिलहाल उनके परिवार में पत्नी राकेश देवी, बड़ा बेटा मोहित, पुत्री शैली, नेहा व छोटा बेटा शिवम शामिल हैं। परिवार के लोगों का रो रोकर बुरा हाल था।