हापुड़। हंगामे के बीच शुक्रवार को कलक्ट्रेट में जारी किसानों का धरना और भूख हड़ताल समाप्त हो गया। सीडीओ हिमांशु गौतम ने अगले 20 दिनों में कंपनी द्वारा किसानों का कुछ भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, सुबह प्रमुख सचिव ऊर्जा के आने की सूचना पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने किसानों का टेंट उखाड़ दिया था। इस पर जमकर हंगामा हुआ और बाद में विकास भवन में हुई बैठक में संबंधित अधिकारियों ने किसानों से माफी भी मांगी।
शुक्रवार को प्रमुख सचिव ऊर्जा नरेंद्र भूषण कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उनके आने की सूचना पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। जहां पुलिस बल की मदद से किसानों को उठाने का प्रयास किया गया और उनका टेंट भी हटा दिया गया। इस पर किसानों ने विरोध दर्ज कराया। घटना की सूचना किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को भी दी गई। इसके बाद किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी कलक्ट्रेट पहुंच गए। मौके पर हंगामा बढ़ने की आशंका पर सीडीओ हिमांशु गौतम ने सभी किसानों को समझाया और विकास भवन लेकर चले गए। जहां उनके साथ एक बैठक हुई। इसमें किसानों ने अधिकारियों द्वारा किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई। इस पर सीओ सहित अन्य अधिकारियों ने किसानों से माफी मांगी। वहीं, शाम करीब चार बजे पुन: कलक्ट्रेट में बैठक हुई। इस बैठक में किसानों ने भुगतान कराने की मांग की। डीएम अभिषेक पांडेय ने किसानों को भुगतान कराने का आश्वासन दिया।
इस दौरान संदेश गिल, अनुज शर्मा, योगेंद्र शर्मा, समरपाल सिंह, शौराज सिंह, रविंद्र, रामनिवास, धर्मेंद्र कुमार, पुष्पा, गुरजीत सिंह, मनवीर सिंह, मयंक आदि किसान मौजूद रहे।
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यह है पूरा मामला
जिले के 126 आलू किसानों का बेंगलुरु की उत्कल ट्यूबर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर करीब 2.50 करोड़ रुपये का बकाया है। इसका भुगतान नहीं होने के कारण पीछे तीन दिनों से किसान कलक्ट्रेट पर धरना दे रहे थे। साथ ही अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल पर बैठे थे। इस मामले में बकाया भुगतान न होने पर किसानों में बहुत अधिक नाराजगी थी। कई थानों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी किसानों का भुगतान नहीं हो रहा है। इस मामले में डीएचओ और किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम के आदेश पर बेंगलुरु भी गया था, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
किसान यूनियन ने कहा, सम्मान से कोई समझौता नहीं
हंगामे की सूचना पर शुक्रवार को भाकियू युवा पश्चिम के प्रभारी एकलव्य सिंह सहारा भी मौके पर पहुंचे। विकास भवन में हुई बैठक में एकलव्य ने कहा कि किसानों की एकजुटता और संघर्ष के दबाव में प्रशासन ने संज्ञान लिया है। किसानों के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। मौके पर समरपाल सिंह, कुशल पाल आर्य, विनय बाना, शेखर चौधरी, रामपाल सिंह, सूरजवीर सिंह, डॉ मतलूब, धनवीर शास्त्री, मनिंदर, यशवीर सिंह, विनोद आदि उपस्थित रहे। वहीं, किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरुण प्रधान ने विरोध में धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में सीडीओ को एक ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान मुखिया सचिन गुर्जर, आदेश प्रधान, ज्ञानेंद्र कसाना, अमित मावी, अरुण नागर, मोहन गुर्जर मौजूद रहे।
कोट -
जिलाधिकारी के सकारात्मक रुख के कारण ही किसानों को चार में से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान हो सका है। किसानों और निजी कंपनी के बीच यह करार हुआ है। फिर भी प्रशासन की ओर से कंपनी के अधिकारियों को समझाया गया है। आगामी 20 दिनों में किसानों को भुगतान कराने का प्रयास होगा।
- हिमांशु गौतम, सीडीओ
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