हापुड़। बुधवार को संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसानों द्वारा निकाली ट्रैक्टर तिरंगा रैली के दौरान हंगामा हो गया। तिरंगा रैली और हंगामे के बाद सड़कों पर करीब ढाई घंटे तक जाम रहा। जाम के कारण लोगों के पसीने छूट गए। वहीं, एसडीएम सदर ईला प्रकाश के ज्ञापन लेने न आने पर किसान भड़क गए और तहसील चौपला पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने उन्हें उठाने का प्रयास किया तो भाकियू टिकैत युवा विंग के कार्यकर्ताओं से उनकी नोकझोंक हो गई। इसके बाद किसान एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। शाम तक एसडीएम और सीओ के स्थानांतरण की मांग के लिए किसान धरने पर डटे रहे।
भाकियू युवा विंग के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी के नेतृत्व में दोपहर करीब 12 बजे से यात्रा ततारपुर गोल चक्कर से शुरू हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर शामिल थे। इन ट्रैक्टरों पर किसान और भाकियू के कार्यकर्ता थे, जो देशभक्ति का संगीत चलाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जहां से भी रैली निकलती गई, वहां पर जाम लगता चला गया। दोपहर करीब एक बजे यात्रा तहसील चौराहे पर पहुंची। जहां किसानों को एसडीएम सदर को ज्ञापन देना था।
ज्ञानेश्वर त्यागी ने बताया कि एक सप्ताह पहले एलआईयू के माध्यम से सूचना दी गई थी कि किसान मांगों को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपेंगे, लेकिन वह किसानों के बीच में नहीं आई। इस पर आक्रोश फैल गया और किसान तहसील चौपला पर ही धरने पर बैठ गए। किसानों का आरोप था कि धरने के दौरान सीओ जितेंद्र शर्मा ने उनसे अभद्रता की। इससे किसानों में आक्रोश और बढ़ गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह और देहात थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने किसानों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। इस पर किसानों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक हुई। पुलिसकर्मियों के बार-बार कहने पर किसान मान गए और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, लेकिन एसडीएम सदर के कार्यालय पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। शाम तक भी एसडीएम सदर ईला प्रकाश और सीओ जितेंद्र शर्मा के स्थानांतरण की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे रहे।
हर चौराहे पर लगी वाहनों की लंबी कतार
धरने के कारण तहसील चौपला से लेकर अतरपुरा चौपला तक लंबा जाम लग गया। शहर के बुलंदशहर रोड, मेरठ रोड, फ्री गंज रोड, रेलवे रोड, गढ़ रोड और दिल्ली रोड पर सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन स्वामी तो आसपास के मोहल्लों से होकर निकल गए, लेकिन चार पहिया वाहन चालक और एंबुलेंस जाम में फंसे रहे। यात्रा के दौरान एक ट्रैक्टर भी अचानक बंद हो गया। इस पर पुलिसकर्मियों ने ट्रैक्टर को धक्का लगाकर सड़क से हटवाया।
कोट -
किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी समस्याओं को सुनकर प्रतिदिन उनका समाधान कराते हैं। मैं निर्वाचन संबंधी एक बैठक में मौजूद थी, इसलिए नायब तहसीलदार को ज्ञापन लेने के लिए भेजा था। - ईला प्रकाश, एसडीएम सदर