फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hapur News: फर्जी दस्तावेज से छात्रा ने एमबीबीएस में लिया दाखिला, रिपोर्ट दर्ज

Tue, 26 Mar 2024 10:00 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
पिलखुवा। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) के फर्जी दस्तावेज तैयार कर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लेने वाली छात्रा के खिलाफ उच्च न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। मेडिकल कॉलेज द्वारा द्वितीय वर्ष में दाखिला न देने पर छात्रा ने उच्च न्यायालय में याचिका डाली थी। न्यायालय द्वारा गठित कमेटी की जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


नीट यूजी परीक्षा इकाई के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. देवव्रत ने उच्च न्यायालय के आदेश पर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि सभी चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश के लिए दो दिसंबर 2019 को ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। 13 और 14 सितंबर 2020 को नीट कराई गई थी, जिसका 16 अक्तूबर को परीक्षाफल घोषित कर दिया गया था। आरोप है कि इटावा की फ्रेंड कॉलोनी निवासी माधवी तिवारी ने 720 में 585 अंक प्राप्त करने के फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरस्वती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला हासिल कर लिया। छात्रा द्वारा प्रथम वर्ष की परीक्षा भी पास कर ली गई। कॉलेज ने फर्जी दस्तावेज होने के शक में द्वितीय वर्ष के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद छात्रा माधवी तिवारी ने उच्च न्यायालय में रिट दायर की, जिसमें आगे की पढ़ाई जारी कराने के लिए कॉलेज को निर्देशित करने की मांग की गई। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी। न्यायालय द्वारा गठित कमेटी ने जांच में पाया कि छात्रा नीट में शामिल हुई थी, जिसे परीक्षा में 720 में से 72 अंक प्राप्त हुए। छात्रा ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लिया है। जिस पर न्यायालय ने छात्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।

एसएचओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश पर इटावा की फ्रेंड कॉलोनी निवासी माधवी तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जांचोपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें