सरावा गांव से गुजर रहे छोइया के ओवर फ्लो होने के बाद खेतों में घुसा गंदा पानी। संवाद
हापुड़। जिला मेरठ के खड़ोली से निकलने वाले बरसाती छोइया में अब फैक्टरियों का केमिकलयुक्त पानी डाला जा रहा है। सफाई न होने के कारण नाला ओवरफ्लो है। इस कारण किसानों की सैंकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। सिंचाई विभाग की ओर से छोइया की सही ढंग से सफाई न होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार यह छोइया मेरठ से निकलकर जिले के सरावा व अन्य आसपास के गांवों से निकलकर एचपीडीए कार्यालय के बराबर से होता हुआ निकालकर आगे जाकर काली नदी में गिरता है, जो आग चलकर गंगा में समा जाता है। पुराने समय में यह छोइया बरसाती पानी को गंगा में ले जाने के लिए बना था। लेकिन अब इसमें फैक्टरियाें का केमिकल युक्त पानी डाला जा रहा है। ऐसे में इससे गांव में प्रदूषण भी बढ़ रहा है। इसका असर भूगर्भीय जल पर भी पड़ रहा है। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हो रहा है।
ग्रामीण गौरव त्यागी ने बताया कि समस्या यह है कि छोइया का सही ढंग से सफाई न होने के कारण यह ओवरफ्लो हो रहा है और इससे कई किसानों की सैंकड़ों बीघा भूमि जलमग्न हो चुकी है। किसान विकास त्यागी का कहना है कि हर बार किसानों को इसी प्रकार की परेशानी से जूझकर लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है लेकिन दो जिलों के अधिकारियों के बीच मामला होने के कारण किसानों की सुनवाई नहीं होती।
एडीएम संदीप कुमार का कहना है कि मामले में संबंधित अधिकारियों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
इन गावों से होकर निकला रहा छोइया
सरावा, बदनौली, गोयना, श्यामनगर, अच्छेजा, पूठा हुसैनपुर, अकडोली सहित कई गावों से होकर यह काली नदी में मिलता है।