हापुड़। धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को हापुड़ में शामिल कराने के लिए अब उद्यमी और व्यापारी प्रस्ताव देंगे। वहीं, हर मंगलवार को उद्यमियों के साथ ऊर्जा निगम के अधिकारी बैठक करेंगे। इसके अलावा बिजली कटौती की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाएगी। दो जिलों की सीमा के विवाद में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अटका नाले का निर्माण न होने पर सीडीओ हिमांशु गौतम ने नाराजगी जताई।
मंगलवार की शाम को अटल गौरव पार्क में जिला उद्योग बंधुओं की बैठक सीडीओ हिमांशु गौतम की अध्यक्षता में हुई। उपायुक्त उद्योग खुशबू सिंह ने एक-एक कर प्रस्ताव पढ़े। हापुड़-स्माल स्केल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमन गुप्ता ने कहा कि पहले प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को ऊर्जा निगम के अधिकारी उद्यमियों के साथ बैठक करते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद चल रही है। इसी प्रकार सोशल मीडिया के माध्यम से बिजली कटौती की जानकारी दी जाती थी, लेकिन यह भी बंद कर दी गई है। वहीं, स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ता बहुत अधिक परेशान हैं। शिकायत के बाद भी लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। इस पर सीडीओ ने मंगलवार को बैठक करने, सोशल मीडिया के माध्यम से बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर की समस्या के निस्तारण के आदेश दिए।
बैठक में लंबे समय से अटके धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को हापुड़ में शामिल करने के प्रस्ताव पर सीडीओ ने कहा कि उद्यमियों के पत्र न देने के कारण प्रस्ताव नहीं जा रहा है। यदि उद्यमी प्रस्ताव देते हैं तो ठीक है, नहीं तो इसे एजेंडे से हटा दिया जाएगा। इस पर उद्यमी अमन गुप्ता व ललित अग्रवाल ने कहा कि वह जल्द एक बैठक बुलाकर चर्चा करेंगे। यदि उद्यमी सहमत होते हैं तो प्रस्ताव दे दिया जाएगा। उद्यमियों ने बताया कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में एचपीडीए नाले का निर्माण कर रहा है, जबकि लोक निर्माण विभाग सड़क बना रहा है, लेकिन एक तरफ का नाला सीमा विवाद के कारण उलझा हुआ है। इस पर सीडीओ ने मेरठ और हापुड़ के अधिकारियों के साथ बैठक कर निस्तारण को लेकर आश्वासन दिया। इस दौरान पुरुषाेत्तम अग्रवाल, ललित अग्रवाल, सरदार गुरमीत, लवलीन गुप्ता, संजय अग्रवाल आदि मौजूद रहे।