बरेली के बस हादसे में 24 यात्रियों के जिंदा जल जाने के बाद हरकत में आए परिवहन विभाग ने बसों के रखरखाव से लेकर बस चालकों तक की शारीरिक व मानसिक स्थिति को दुरुस्त रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक बस का इमरजेंसी गेट जांचने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
बरेली हादसे में बस का नियमित गेट ट्रक की टक्कर से जाम हो गया था, जबकि लंबे समय से बंद इमरजेंसी गेट भी इस कदर जाम था कि यात्री जल कर मर गए, लेकिन इमरजेंसी गेट नहीं खोल पाए।
परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर अब रवानगी से पूर्व प्रत्येक बस का इमरजेंसी गेट रोज खोलकर जांचा जाएगा, ताकि फिर कभी मौके पर यह धोखा न दे सके।
इसी तरह बसों में खुले लटकते तार हटा कर वायरिंग ठीक करने, हेडलाइट, बैकलाइट, इंडीकेटर, हॉर्न को चालू हालत में रखने और रिफ्लेक्टिव टेप लगाने को कहा गया है, ताकि दूर से आते वाहन बस को देख सकें।
बस की गति नियंत्रित रखने के लिए स्पीडोमीटर कार्यरत रखने के अलावा स्पीड कंट्रोल डिवाइस लगाने, टायरों की दशा ठीक रखने, अग्निशमन यंत्र व जरूरी सामग्री के साथ फर्स्ट एड बॉक्स भी मौजूद रखने को कहा गया है। परिवहन मंत्री के निर्देशों को अमली जामा पहनाने की कार्रवाई स्थानीय अफसरों ने शुरू कर दी है।
एआरएम एनपी सिंह का कहना है कि सभी बसों का इमरजेंसी गेट जांच लिया गया है, इन्हें आसानी से खोला जा सकता है। वहीं निर्देशानुसार प्रत्येक खामी को दुरस्त किया जाएगा। यात्रियों को जीवन खतरे में नहीं डालने दिया जाएगा।