हापुड़। मोनाड विश्वविद्यालय की मान्यता और अन्य दस्तावेज की जांच के लिए एक दो दिन में उच्च शिक्षा विभाग की टीम आने वाली है। फर्जी डिग्रियों से संबंधित एसटीएफ की कार्रवाई के बाद डीएम और एसपी ने विवि की मान्यता रद्द करने के लिए शासन को पत्र भेजा था। उनके पत्र के बाद पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के नेतृत्व में टीम जांच करेगी। करीब दो दिन तक टीम जिले में रहेगी। इस दौरान फर्जी डिग्री व मार्कशीट की बिक्री करने के मामले के साथ ही विश्वविद्यालय में मानकों के पालन की भी जांच होगी। इसके साथ यूजीसी की मान्यता की भी जांच होगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार या शुक्रवार को टीम जिले में आ सकती है।
एसटीएफ ने की थी कार्रवाई
मोनाड विवि में मई माह में फर्जी डिग्री और मार्कशीट की बिक्री होने का मामला सामने आया था। एसटीएफ ने शिकायत के बाद इस मामले की गोपनीय जांच की थी। पूरी गहनता से जांच के बाद कार्रवाई करते हुए मौके से बड़ी मात्रा में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बरामद की थी। मामले में एसटीएफ ने करीब 11 लोगों को जेल भी भेजा था। इसके बाद डीएम अभिषेक पांडेय और एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने शासन को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की थी।
छात्रों ने लगाए हैं गंभीर आरोप
मोनाड विवि के छात्र कई बार जिलाधिकारी स्तर पर शिकायत कर चुके हैं। इसमें छात्रवृत्ति घोटाले का आरोप भी लगाया गया है। छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनके खाते की पासबुक कार्यालय के कर्मियों ने अपने पास रख लीं। छात्रवृति आने पर वह अपने आप निकाल लेते हैं। उनको छात्रवृति नहीं मिल रही है। पूर्व में भी विवि में छात्रवृत्ति को लेकर घोटाला सामने आया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवकुमार की जांच में ही गलत तरीके से दूर इलाकों के छात्रों के प्रवेश मात्र छात्रवृत्ति लेने के लिए करने का मामला सामने आया था।
कोट -
विभाग की टीम मोनाड विवि में जांच के लिए आएगी। टीम कभी भी आ सकती है। यह पूरी तरह से औचक निरीक्षण होगा।
- मोनिका सिंह, क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी मेरठ, उच्च शिक्षा विभाग