फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hapur News: फर्जी डिग्री और मार्कशीट के मामले में मोनाड पर ईडी का शिकंजा, 15 से अधिक को समन

विज्ञापन
पिलखुवा स्थित मोनाड विश्वविद्यालय। संवाद
विज्ञापन
हापुड़। फर्जी मार्कशीट और डिग्री के कथित आरोपों में घिरे मोनाड विवि के वर्तमान, पूर्व प्रबंधन और कर्मचारियों के विरुद्ध अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसा है। धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की धाराओं में अभी तक 15 से अधिक को समन जारी हुए हैं।
विज्ञापन

उनसे उनके कार्यों, पद, एमयू नंबर से शुरू होने वाली डिग्री व मार्कशीट और विवि की बिक्री को लेकर सवाल पूछे गए हैं। सभी को अलग-अलग तारीखों में उपस्थित रहने के आदेश हुए हैं।
पिछले वर्ष एसटीएफ को मोनाड विवि में छापे के दौरान विभिन्न कोर्सों की 1421 बनी फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट आदि बरामद हुईं थीं। बड़ी मात्रा में ब्लैंक मार्कशीट भी मिलीं थीं।
विज्ञापन

एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि इन डिग्री और मार्कशीटों को उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि राज्यों में बेचकर अवैध रूप से धन अर्जित किया गया था। इस मामले की जांच उच्च स्तर पर जारी है।
इस मामले में अब ईडी ने जांच को आगे बढ़ाया है। बड़ी बात यह है कि संचालकों के अलावा पूर्व प्रबंधन और कर्मचारियों को भी पहली बार समन जारी हुआ है। कर्मचारियों से विश्वविद्यालय से जारी शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन से संबंधित उसके पद, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की जानकारी मांगी गई है।
इसके अलावा तैयार, हस्ताक्षरित अथवा सत्यापन पत्रों और जवाबों का विवरण भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही जिन अधिकारियों व व्यक्तियों से सत्यापन संबंधी निर्देश प्राप्त हुए, उसकी जानकारी देनी होगी।
जांच एजेंसी ने कर्मचारियों से छात्रों के रिकॉर्ड, एमयू-सीरीज के नामांकन नंबर, सत्यापन फॉर्म और उसकी ओर से अपने पास रखे गए अन्य संबंधित दस्तावेजों का विवरण भी मांगा है।
समन में नितिन कुमार सिंह और बिजेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य व्यक्तियों के साथ शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन अथवा जारी करने को लेकर हुई बातचीत और संपर्क की जानकारी भी मांगी गई है। हालांकि विश्व विद्यालय के पदाधिकारी समन जारी होने की बात पर अनभिज्ञता जता रहे हैं।
करोड़ों रुपये की संपत्ति हो चुकी है अटैच
इस मामले में ईडी ने केस दर्ज किया था। अब तक विवि के संचालक बिजेंद्र सिंह हुड्डा और संदीप सहरावत की 25.44 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियों को जब्त किया जा चुका है। इसमें आरोपियों के परिवार के फार्म हाउस, फ्लैट और गाड़ियां शामिल हैं। ईडी की जांच में सामने आया था कि यूनिवर्सिटी के संचालक बिजेंद्र सिंह हुड्डा और संदीप सहरावत ने संसाधनों का दुरुपयोग कर 1800 से ज्यादा छात्रों को फर्जी दस्तावेज बेचकर करीब 37 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
मान्यता व पंजीकरण निरस्त करने की कर चुके हैं संस्तुति
उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के आदेश पर डीएम की अध्यक्षता में हुई पुन: जांच की रिपोर्ट पिछले दिनों भेज दी गई है, इसमें तत्कालीन डीएम अभिषेक पांडेय की अध्यक्षता वाली समिति की जांच रिपोर्ट का समर्थन करते हुए विवि की मान्यता व पंजीकरण को निरस्त करने की संस्तुति की जा चुकी है।
अभी इसमें शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हुआ है। इससे पहले 53 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के निदेशक विवि को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर चुके हैं।
यह कहते हैं विवि के वीसी
ईडी के समन को लेकर किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं है। विवि में कर्मचारियों से जानकारी की जा रही है। इस पूरे प्रकरण में विवि की कोई गलती नहीं है और न ही विवि का इससे कोई लेनादेना है। - डॉ. मोहम्मद जावेद, वीसी, मोनाड विवि
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें