संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। थाने में 24 दिन पहले भाई के एक्सीडेंट की रिपोर्ट दर्ज कराने गई शिक्षिका ने तत्कालीन थानेदार पर अभद्रता कर मोबाइल छीनने और एक महिला सिपाही पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था। जिसकी शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के आदेश सीओ पिलखुवा को दिए थे। जांच से असंतुष्ट पीड़िता ने अब राष्ट्रीय महिला आयोग एवं आईजी समेत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई है। जिसे लेकर इंस्पेक्टर के अलावा अन्य पुलिस कर्मियों में अफरातफरी का माहौल है।
मोहल्ला लुहारन निवासी शिक्षिका प्रतिभा ने बताया कि गत 18 जुलाई को उसके भाई गोलू को रेलवे रोड पर स्कूटी सवार युवक ने टक्कर मार दी थी, जिसकी लिखित तहरीर थाने पर शिक्षिका द्वारा दी गई थी। गत 21 जुलाई को शिक्षिका थाने दर्ज कराई रिपोर्ट लेने पहुंची, तो उसे पता चला उसकी रिपोर्ट अज्ञी तक दर्ज नहीं की गई है। जिसके बाद पीड़िता ने मोबाइल से वीडियो बनाते हुए थानेदार और अन्य पुलिस कर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का कारण पूछा। आरोप है कि इसी बात थानेदार ने शिक्षिका का मोबाइल छीन लिया और वहीं खड़ी महिला सिपाही से थप्पड़ जड़ दिया। आरोप है कि इसके बाद पीड़िता को एक घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया। शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने से आहत शिक्षिका ने आईजी मेरठ के समक्ष पेश होकर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री, डीजीपी, एडीजी मेरठ और राष्ट्रीय महिला आयोग को शिकायत भेज कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीडि़ता ने बताया कि महिला आयोग द्वारा उसकी शिकायत पर संज्ञान ले दिया गया, टीम कभी भी जांच को यहां पहुंच सकती है।
सीओ वरूण मिश्रा का कहना है कि मामले के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले, घटना के समय थाने में लगे सीसीटीवी खराब थे, हमारे द्वारा जांच रिपोर्ट बनाकर पुलिस अधीक्षक को भेजी जा चुकी है।