रजिस्ट्रेशन के बाद अब जिले के ई-रिक्शा चालकों को लाइसेंस भी लेना होगा। एनसीआर में हापुड़ जिले में लाइसेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यहां सफलता के बाद अन्य जिलों में भी यह प्रक्रिया लागू की जाएगी।
हापुड़ में करीब 2400 के आसपास ई-रिक्शा संचालित हैं। शहर में ई-रिक्शा आए दिन जाम का कारण बनते हैं। पिछले दिनों डीएम ने ई-रिक्शा का पंजीकरण करने के साथ लाइसेंस जारी करने के निर्देश रिए थे। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया है।
चालक को अपना रिक्शा विभाग में पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद परिवहन विभाग चालक को लाइसेंस जारी करेगा। एआरटीओ प्रणव झा ने बताया कि एनसीआर में हापुड़ से ई-रिक्शा का लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को शुरू हुई है।
ई-रिक्शा चालक को परिवहन विभाग की ओर से पहले 10 दिन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी और बाद में उसका लाइसेंस जारी होगा। फिलहाल अभी तक विभाग में 150 ई-रिक्शा का ही पंजीकरण हुआ है।
ई-रिक्शा चालकों को मिलने वाला लाइसेंस फिलहाल दो साल के ही वैध होगा। दो साल बाद चालक को परिवहन विभाग में लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए फिर से एप्लाई करना होगा।
इस योजना को कई चरणों में परिवहन विभाग चलाएगा। प्रथम चरण में हापुड़ के 900 ई-रिक्शा चालकों का पंजीकरण होने के बाद लाइसेंस जारी होगा। इसके बाद अन्य ई-रिक्शा चालकों का नंबर आएगा।