हापुड़। मध्यप्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले में सोमवार को हापुड़ के ड्रग वेयर हाऊस और दवा मार्केट में औषधि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए कफ और पैरासिटामॉल सीरप के नौ नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
सर्दी शुरू होने वाली हैं, ऐसे में कफ सीरप की मांग तेजी से बढ़ती है, लेकिन जिस तरह मध्यप्रदेश और राजस्थान में इन दिनों घटनाएं हुई हैं, इसे लेकर औषधि विभाग और प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है।
इसी क्रम में सोमवार को जिला औषधि निरीक्षक हिमेंद्र चौधरी के नेतृत्व में विभाग की टीम ने बड़ौदा सिहानी स्थित ड्रग वेयर हाऊस का निरीक्षण किया। यहां से पैरासिटामॉल (पीडियाट्रिक), एम्ब्रोक्सिल सिरप, प्रोमेथाजीन, पीडियाट्रिक सिरप के पांच नमूने लिए। बता दें कि इस वेयर हाऊस से जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में सिरप की सप्लाई होती है।
इसके साथ जवाहर गंज स्थित गुरु मेडिकल एजेंसी और महारानी मेडिकल एजेंसी से चौको डीएक्स, नाह कोल्ड प्लस सिरप, कफ गोल्ड जूनियर, लाजीन सिरप के चार नमूने लिए गए। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
सरकारी अस्पतालों में भी बढ़ी सतर्कता
जिले के सरकारी अस्पतालों में दवा वितरण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। बच्चों को उम्र के हिसाब से डोज और आवश्यक दवा देने के निर्देश हैं। सरकारी अस्पतालों में कफ सिरप की खपत बढ़ी है, आने वाले मौसम में यह और बढ़ेगी।
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ड्रग वेयर हाऊस और मेडिकल एजेंसियों से विभिन्न सिरप के नौ नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी । - हिमेंद्र चौधरी, जिला औषधि निरीक्षक।