सिंभावली। लाडो मेरी बात तो सुन ले में तेरे हाथ पीले जल्दी कर दूंगी, अपने पिता की ओर देख उनकी आंखों में आंसू आ रहे है। तेरा भैया भी मायूस है हमारी इज्जत की तो लाज रख ले। साहब मैंने तो इसको अपनी कोख में नौ माह रखा और यह नौ मिनट में ही इस अनजान युवक के साथ मिलकर रिश्ता खत्म करने की बात कह रही है। यह कैसा कानून है, यह शब्द सिंभावली थाने में कोर्ट मैरिज करने वाली बेटी से कह रही एक बुजुर्ग मां के थे।
क्षेत्र के गांव निवासी महिला की 20 वर्ष की बेटी का मेरठ में आना जाना था। वहां उसको युवक से प्रेम हो गया। दोनों ने अपने परिवार की इच्छा के बगैर कोर्ट मैरिज कर ली। इसकी जानकारी परिजनों को दो दिन पूर्व ही मिली, जहां प्रेमी ने पुलिस अधिकारी के कार्यालय पर पहुंचकर प्रेमिका को उनके घर से सुरक्षित मंगवाने की मांग की। पुलिस प्रेमिका के घर पहुंची तो युवती के परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिवार के लोग युवती को लेकर थाने पहुंचे तो युवती परिवार को छोड़कर युवक के पास जाकर खड़ी हो गई और शादी करने की बात कहते हुए उसके साथ जाने की जिद की। युवती के भाई, पिता, समेत मां ने फूट-फूट कर उसको ऐसा न करने और सामाजिक हित में डोली में बैठाकर विदा करने की बात कहीं, लेकिन युवती ने किसी की एक न सुनी और प्रेमी के साथ चली गई।