संवाद न्यूज एजेंसी
ब्रजघाट। गंगा किनारे दिवंगतों के अंतिम संस्कार करने के लिए आने वाले लोगों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पर्यटन विभाग की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से यहां पर सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार की गई है। जल्द ही योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
पतित पावनी मां गंगा किनारे श्मशान घाट पर प्रतिदिन दर्जनों दिवंगतों का अंतिम संस्कार किया जाता है। स्थानीय क्षेत्र के अलावा यहां पर गाजियाबाद, दिल्ली, हरियाणा, बुलंदशहर, मुरादबाद, संभल आदि स्थानों से लोगों का आगमन होता है। श्मशान घाट पर फैले अतिक्रमण से यहां लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। वहीं, स्थानीय लोगों में भी रोष व्याप्त था। स्थानीय लोगों व विभिन्न संगठनों के आंदोलन के बाद प्रशासन श्मशान घाट को विकसित करने के साथ ही सुंदरीकरण कराने में जुट गया है। सबसे पहले घाट से अधिकारियों ने अतिक्रमण हटवाया। जिसके बाद वन विभाग से इस भूमि को पालिका के हैंड ओवर कराने की तैयारी है। इसके अलावा श्मशान घाट के सुंदरीकरण कराने के लिए करीब तीन करोड़ रुपया शासन स्तर से भेजा गया है। जिससे विकास कार्य कराएं जाएंगे।
ये होंगे विकास कार्य
पर्यटन विभाग सलाहकार अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के माध्यम से श्मशान घाट पर सौंदर्यीकरण कराते हुए पार्क, लोगों के बैठने के लिए बैंच, मंदिर, पेयजल की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी। इसके अलावा यहां पर एलपीजी एलपीजी संचालित शवदाह गृह का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि गंगा के बिल्कुल किनारे पर अंतिम संस्कार न कराकर पक्के चबूतरों का निर्माण भी कराया जाएगा। इसको लेकर विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कराया गया है। शीघ्र ही इसका कार्य शुरू हो जाएगा।