हापुड़ । सुबह साढ़े नौ बजे थे, अचानक डीएम प्रेरणा शर्मा पूरे अमले के साथ गांव सिमरौली पहुंची। यह देख ग्रामीण भी दंग रह गए। डीएम गाड़ी से उतरीं और प्राथमिक विद्यालय से लेकर सरकारी व्यवस्थाओं का हाल देखा। गांव की गलियों और चबूतरों पर बैठे ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, इसकी जानकारी की। मौका था अमर उजाला गांव जंक्शन कार्यक्रम का। करीब एक घंटे तक डीएम गांव में रुकीं और गली-गली जाकर व्यवस्थाओं को परखा।
सबसे पहले डीएम प्राथमिक विद्यालय में पहुंची। यहां विज्ञान की लैब का निरीक्षण किया। छात्राें द्वारा बनाए गए प्राेजेक्ट के बारे में पूछा। साथ ही टेलीस्कोप, चंद्रयान, मंगल यान आदि के बारे में एक-एक कर सवाल किए। एक छात्र का प्राेजेक्ट लगा था, लेकिन विद्यालय में न आने का कारण पूछा, इस पर दूसरे छात्र व शिक्षिका ने बताया कि उसके पिता छात्र को विद्यालय नहीं आने देते हैं। जिस पर डीएम ने बीएसए को काउंसलिंग करने के निर्देश दिए। इसके बाद वह एक घर के बाहर बैठीं बुजुर्ग महिला प्रेमवती से बातचीत करने लगीं। डीएम ने पूछा कि अम्मा क्या आपको पेंशन मिलती है। महिला ने कहा कि उनके बेटे की मृत्यु हो चुकी है। पेंशन के बारे में जानकारी नहीं है। फिर पूछा कि क्या आपने कोई आवेदन किया है, इस पर जवाब मिला नहीं। जिस पर डीएम ने आधार कार्ड लाने को कहा और पेंशन के लिए आवेदन कराने के निर्देश दिए। वहीं पर ही एक घर के बाहर 20 से अधिक ग्रामीण खड़े हुए थे। डीएम ने पूछा कि क्या यहां साफ-सफाई प्रतिदिन होती है, राशन समय से मिलता है या नहीं और पेयजल मिल रहा है या नहीं। एक युवक कुलदीप ने बताया कि राशन समय से मिलता है। सफाई बुधवार की सुबह कई दिनों बाद हुई है। पेयजल के लिए पाइप लाइन अभी नहीं डली है। इस पर डीएम ने कहा कि अगस्त तक पाइप लाइन बिछ जाएगी, तभी सभी को कनेक्शन मिल जाएंगे। इस दौरान सीडीओ अभिषेक कुमार, एसडीएम शुभम श्रीवास्तव, बीडीओ श्रुति यादव, तहसीलदार जयप्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी शिव बिहारी शुक्ला, बीएसए रितु ताेमर आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अमृत सरोवर में देखी सफाई की स्थिति
डीएम काफिले के साथ अमृत सरोवर पर पहुंची। यहां साफ-सफाई की व्यवस्था देखी। मौके पर मौजूद ग्रामीण करन सिंह ने अपनी एक समस्या गिनाई। कहा, पहले बाबूगढ़ में राशन कार्ड बना हुआ था। मकान बेचकर सिमरौली में बनाया है, लेकिन राशन कार्ड पहली जगह से कटने के बाद दूसरी जगह नहीं बन पा रहा है। गांव की ही चंदवर्ती व राजेंद्री ने बताया कि सड़क पर गड्ढे हो रहे हैं। इसके कारण जलभराव की समस्या है। जिस पर डीएम ने बीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुष्मान कार्ड से ही इलाज कराना
डीएम की कई गलियों में घूमने के बाद हाईवे के दूसरे रास्ते से गांव में पहुंची। यहां उन्हें घर के बाहर खड़ी शांति और सुशीला मिल गईं। दोनों से पूछा कि आयुष्मान कार्ड बना है या नहीं। इस पर दोनों ने कहा कि कार्ड तो बना है, लेकिन प्रयोग में नहीं आया है। शांति ने बताया कि पति को अपेंडिस्क का दर्द है। इस पर डीएम ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से ही इलाज कराना। दिक्कत आए तो मुझे आकर बताना। रास्ते से गुजर रहे बुजुर्ग रुमाल सिंह से भी राशन, आयुष्मान कार्ड और पेंशन के बारे में पूछा। रुमाल ने बताया कि पत्नी के गुर्दे में बड़ी पथरी है। जीएस कालेज में इलाज कराया था, लेकिन उन्होंने दिल्ली बड़े अस्पताल जाने के लिए बोल दिया है। इस पर डीएम ने लखनऊ में जाकर आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने को कहा। ग्रामीण गुरुवचन ने कहा कि बिजली के दो खंभे टूटे हुए हैं। जिस पर जल्द निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। बाद में पानी की टंकी और आरसीसी सेंटर के निर्माण का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने गांव चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणाें की समस्याओं को भी सुना।